दक्षिणी रिज की 1,000 एकड़ जमीन बनेगी आरक्षित वन, दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

Delhi News: दिल्ली की हरित विरासत और पर्यावरणीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ (400 हेक्टेयर) अतिरिक्त भूमि को आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद दिल्ली का अधिसूचित रिज क्षेत्र बढ़कर करीब 13,000 एकड़ (5,250 हेक्टेयर) हो जाएगा.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निर्णय भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत लिया गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली रिज राजधानी की प्राकृतिक विरासत होने के साथ-साथ उसका हरित सुरक्षा कवच भी है. रिज का संरक्षण केवल पेड़ों और वन क्षेत्र को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध दिल्ली की हवा, जैव विविधता, तापमान संतुलन और पर्यावरणीय सुरक्षा से है.

लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को मिली गति

मुख्यमंत्री के मुताबिक, रिज के विभिन्न क्षेत्रों की अंतिम अधिसूचना की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी. सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है. सरकार का लक्ष्य रिज के संरक्षण के साथ-साथ क्षतिग्रस्त पारिस्थितिक क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवन करना है.

दिल्ली रिज अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है और राजधानी के महत्वपूर्ण प्राकृतिक हरित क्षेत्रों में शामिल है. यह जैव विविधता के संरक्षण, धूल नियंत्रण और स्थानीय तापमान को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है. सरकार के अनुसार, रिज वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी दिल्ली की प्राकृतिक क्षमता को मजबूत करता है.

सिर्फ कानूनी संरक्षण नहीं, वैज्ञानिक पुनर्स्थापन पर भी जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रिज की जमीन को कानूनी संरक्षण देना नहीं, बल्कि उसके पारिस्थितिक तंत्र को पुनर्जीवित करना भी है. रिज वर्किंग प्लान के अनुरूप वैज्ञानिक पारिस्थितिक पुनर्स्थापन का काम आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत देशी प्रजातियों को बढ़ावा देने, क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्जीवन और आक्रामक प्रजातियों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है.

अन्य रिज क्षेत्रों को भी मिलेगा संरक्षण

सरकार के मुताबिक, रिज संरक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. रिज के अन्य पात्र क्षेत्रों को भी आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की वैधानिक प्रक्रिया चल रही है. चरणबद्ध तरीके से अधिक से अधिक रिज क्षेत्र को स्थायी संरक्षण के दायरे में लाने का लक्ष्य है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली रिज के संरक्षण, पुनर्स्थापन और प्रबंधन के लिए 2026 में दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड का गठन किया गया है. बोर्ड की जिम्मेदारियों में रिज की सुरक्षा, वैज्ञानिक पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, वनीकरण और आवास संरक्षण शामिल हैं.

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का जोर

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को विकास की गति के साथ अपनी प्राकृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखना होगा. उन्होंने कहा कि करीब 13,000 एकड़ रिज क्षेत्र का संरक्षण सिर्फ जमीन के बड़े हिस्से को बचाना नहीं है, बल्कि दिल्ली की हवा, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

दिल्ली सरकार का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने की नीति के तहत रिज के संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार पर काम जारी रहेगा.

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