हरियाणा के हिस्से आया 1,280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी: दशकों से लटकी किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर 6 राज्यों में सहमति, जल सुरक्षा होगी मजबूत - Haribhoomi

केंद्र सरकार के प्रयासों से पुराना गतिरोध खत्म होने से मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का आभार जताया। 

Kishau Multi Purpose Project

किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर हुई बैठक में शामिल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व अन्य।

  • Published: 15 Sep 2026, 06:06 PM IST
  • Last Updated: 15 Sep 2026, 06:32 PM IST

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर बनने वाली 'किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना' को लेकर नई दिल्ली में मंगलवार को 6 राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उच्च अधिकारियों ने औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 

ऐतिहासिक समझौता के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे एक 'अभूतपूर्व उपलब्धि' करार दिया है। वर्षों से लंबित पड़े इस जल विवाद को निरंतर संवाद, बेहतर सहयोग और आपसी सहमति के जरिए सुलझा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस निर्णय से न केवल वर्तमान समय की पानी की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी।

हरियाणा का हक 48 प्रतिशत, ऊपरी भंडारण से होगा सीधा फायदा 
समझौते का मार्ग प्रशस्त होने पर मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार जताया। सीएम ने स्पष्ट किया कि यमुना नदी के जल में हरियाणा का जायज और वैध हिस्सा 48 प्रतिशत है। ऐसे में जब भी ऊपरी मैदानी या पहाड़ी इलाकों में जल भंडारण क्षमता (वाटर स्टोरेज) बढ़ेगी, तो उसका सीधा और सबसे बड़ा लाभ हरियाणा राज्य को ही मिलेगा।

तीन बड़ी परियोजनाओं से बढ़ेगा पानी का कुल शेयर 
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यमुना बेसिन के अंतर्गत रेणुका जी और लखवार परियोजनाओं का निर्माण कार्य पहले से ही प्रगति पर है। अब किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर भी धरातल पर बहुत जल्द काम शुरू होने वाला है। जब ये तीनों विशाल जल परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी, तब हरियाणा के हिस्से का कुल जल शेयर बढ़कर लगभग 1,143 एमसीएम (MCM) तक पहुंच जाएगा।

केंद्र सरकार के प्रयासों से खत्म हुआ दशकों पुराना गतिरोध 
लंबे समय से अधर में लटकी इस परियोजना को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के मार्गदर्शन की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की व्यक्तिगत रुचि और पहल के कारण ही सभी 6 हितधारक राज्यों को एक मंच पर लाकर सहमति बनाना संभव हो सका। वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सभी राज्यों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बैठाकर इस काम को गति दी।

हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प 
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर मौजूद हर खेत और हर नागरिक के घर तक पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का यह ऐतिहासिक समझौता हरियाणा के सुनहरे और समृद्ध भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।