कटनी; विस्टा सेल्स के रेत स्टॉक में भारी गड़बड़ी: पोर्टल पर 1.46 लाख घनमीटर रेत, मौके पर 100 घनमीटर मिली; 27.44 करोड़ का जुर्माना लगा - Katni News

कटनी जिले में खनिज संपदा के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के न्यायालय ने मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड (आनंद बिहार कॉलोनी, कटनी) पर 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपए का जुर्माना लगाया है।

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यह कार्रवाई रेत के आधिकारिक स्टॉक में भारी फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी पकड़े जाने पर की गई है। फर्म को यह राशि सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज नियम, 2022 के नियम 19 के तहत हुई है।

रेत का स्टॉक करती मशनें।

रेत का स्टॉक करती मशनें।

ये है पूरा मामला

यह मामला 30 सितंबर 2023 की रात सेंड पोर्टल पर दर्ज रेत के आंकड़ों और मौके पर हुए सत्यापन के दौरान सामने आया। तहसील विजयराघवगढ़ के ग्राम पुरैनी में मेसर्स विस्टा सेल्स के लाइसेंस वाले स्थल (खसरा क्रमांक 43/1, 43/2 एवं 43/3, कुल रकबा 1.320 हेक्टेयर) की जांच की गई थी।

जांच में पता चला कि सेंड पोर्टल पर रेत का स्टॉक 1,46,462 घनमीटर दर्ज था। जबकि, मौके पर सिर्फ 100 घनमीटर रेत मिली। इस तरह कुल 1,46,362 घनमीटर रेत का अंतर पाया गया। इतनी बड़ी मात्रा में गायब रेत के बारे में जब फर्म से वैध बिक्री या परिवहन से जुड़े ई-ट्रांजिट पास, बिल और रजिस्टर मांगे गए, तो फर्म कोई भी सही दस्तावेज नहीं दे पाई।

कालाबाजारी या अवैध परिवहन किया

संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश के निर्देशों के अनुसार, अगर सेंड पोर्टल पर रेत का बड़ा स्टॉक दिखे और मौके पर वह गायब मिले, तो इसका मतलब है कि बिना किसी अभिवहन पास (TP) के रेत की कालाबाजारी या अवैध परिवहन हुआ है।

कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के दौरान फर्म ने जांच प्रक्रिया में तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कमियों की दलीलें दीं। हालांकि, न्यायालय ने सभी मौखिक और दस्तावेजी सबूतों, मौके के पंचनामे और गवाहों के बयानों की जांच के बाद इन तर्कों को खारिज कर दिया।

शासकीय भूमि पर किया रेत स्टॉक।

शासकीय भूमि पर किया रेत स्टॉक।

न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी की कि 1.46 लाख घनमीटर जैसी विशाल मात्रा का गायब होना कोई मामूली प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं है। यदि यह रेत वैध तरीके से बेची गई होती, तो फर्म के पास इसके परिवहन के कानूनी साक्ष्य उपलब्ध होते, जिन्हें प्रस्तुत करने में फर्म पूरी तरह विफल रही।

रॉयल्टी का 15 गुना जुर्माना आंकड़ों में समझें कार्रवाई

भौतिक सत्यापन में गायब रेत1,46,362 घनमीटर निर्धारित मूल रॉयल्टी राशि₹ 1,83,95,310 (1.83 करोड़) नियमानुसार दंड (रॉयल्टी का 15 गुना)₹ 27,44,29,650 (27.44 करोड़)

अनुमान से लिया फैसला

मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के वकील योगेश सोनी का कहना है कि यह कार्रवाई कानूनी रूप से गलत की गई है, विभाग को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भंडारण के कोई फुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। अनुमान लगाते हुए यह निर्णय कोर्ट ने दिया है। फैसले के खिलाफ हम डिवीजन कमिश्नर कोर्ट में जाएंगे