मुंबई में पानी की किल्लत होगी दूर: मनोरी-कांदिवली वॉटर टनल प्रोजेक्ट को रफ्तार, 1,527 करोड़ मंजूर| Navbharat Live
Updated On: Jul 31, 2026 | 12:39 PM IST
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सार
Mumbai Water Tunnel Project: बीएमसी ने मनोरी डिसेलिनेशन प्लांट से कांदिवली तक ₹1,527 करोड़ की वॉटर टनल परियोजना को दी रफ्तार। Afcons इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी 7.17 किमी लंबी सुरंग।

मुंबई परियोजना (फोटो.सोशल मीडिया)
विस्तार
BMC Manori Kandivali Water Tunnel Project Approval: मुंबई बीएमसी ने मुंबई की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मनोरी में बन रहे समुद्री जल डिसेलिनेशन संयंत्र से कांदिवली के महावीर नगर तक प्रस्तावित जल सुरंग (वॉटर टनल) परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह परियोजना मनोरी स्थित प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन से चारकोप होते हुए कांदिवली की मौजूदा जलापूर्ति प्रणाली तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
बीएमसी के अनुसार मनोरी में 200 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का समुद्री जल डिसेलिनेशन संयंत्र निर्माणाधीन है, जिसकी क्षमता भविष्य में 400 एमएलडी तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है।
परियोजना के डिजाइन एवं निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 1,527.75 करोड़ रुपये है। निर्माण अवधि 45 महीने निर्धारित की गई है, जबकि संचालन एवं रखरखाव सहित कुल अनुबंध अवधि 129 महीने होगी। बीएमसी का कहना है कि डिसेलिनेशन संयंत्र के पूरा होने तक जल सुरंग का तैयार होना आवश्यक है, ताकि उत्पादित पेयजल को बिना किसी बाधा के शहर की जल वितरण प्रणाली से जोड़ा जा सके।
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इस संयंत्र में तैयार होने वाले पेयजल को मुंबई शहर की जल वितरण व्यवस्था तक पहुंचाने के लिए लगभग 7.175 किलोमीटर लंबी भूमिगत जल सुरंग बनाई जाएगी। राज्य सरकार ने 3 जुलाई 2026 को इस परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। बीएमसी के मुताबिक सुरंग का निर्माण अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से किया जाएगा। सुरंग का खुदाई व्यास 3.2 मीटर तथा अंतिम आंतरिक व्यास 2.5 मीटर होगा।
मनोरी में विकसित किया जाएगा अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन
परियोजना के तहत मनोरी, चारकोप और कांदिवली में तीन गहरे शाफ्ट बनाए जाएंगे। सुरंग के अधिकांश हिस्से में आरसीसी लाइनिंग होगी, जबकि गोराई खाड़ी और कांदिवली के कुछ हिस्सों में माइल्ड स्टील लाइनिंग का उपयोग किया जाएगा। परियोजना में मनोरी में 400 एमएलडी क्षमता का आधुनिक पंपिंग स्टेशन भी विकसित किया जाएगा।
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31.77 करोड़ रुपये की दी छूट
- यहां चार उच्च क्षमता वाले पंप लगाए जाएंगे तथा परिसर में 100 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित होगा। इसके अलावा कंट्रोल रूम, वाल्व, पाइपलाइन और परीक्षण जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) की जिम्मेदारी 7 वर्षों तक ठेकेदार के पास रहेगी।
- बीएमसी ने यह निविदा ‘डिजाइन, निर्माण एवं संचालन’ मॉडल पर जारी की थी। कई बार समय सीमा बढ़ाने के बाद 2 कंपनियों ने निविदा जमा की। तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रस्ताव सबसे कम पाया गया, बातचीत के बाद कंपनी ने 31.77 करोड़ रुपये की छूट दी, जिससे उसका प्रस्ताव
- बीएमसी के अनुमानित खर्च से 0.185 प्रतिशत कम हो गया। बीएमसी के जलापूर्ति विभाग ने अब तक 18 जल सुरंगों का निर्माण कर 101.225 किलोमीटर का नेटवर्क तैयार किया है, जबकि पांच अन्य सुरंग परियोजनाओं पर वर्तमान में काम जारी है। अधिकारियों का मानना है कि मनोरी। कांदिवली जल सुरंग परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत, विश्वसनीय और भविष्य की बढ़ती मांग के अनुरूप सक्षम बन सकेगी।
