योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई: देहरादून में नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, 1 करोड़ की नकली दवाएं बरामद, दो गिरफ्तार| Navbharat Live

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सार

Fake Medicine factory: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एफएसडीए उत्तर प्रदेश और क्राइम ब्रांच गाजियाबाद ने देहरादून में संचालित अवैध नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

UP Cracks Down on Fake Drug Network: Illegal Factory Busted in Dehradun, Two Arrested

सांकेतिक फोटो

विस्तार

Yogi Government Action Against Fake Medicine factory: उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली Flozen दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच ने आखिरकार देहरादून में संचालित अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) उत्तर प्रदेश ने डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने देहरादून में संचालित अवैध नकली दवा निर्माण फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और आधुनिक मशीनरी बरामद की है। इस संयुक्त अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

अमीनाबाद की कार्रवाई बनी बड़े खुलासे की कड़ी

19 जुलाई 2026 को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में नकली दवाओं के भंडारण और बिक्री के मामले में दर्ज मुकदमे के दौरान 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एफएसडीए मुख्यालय ने विशेष प्रवर्तन टीम गठित की। टीम ने मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण करते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

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जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद है। इसके बाद एफएसडीए की विशेष टीम ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के सहयोग से उसे 22 जुलाई को केडब्ल्यू मॉल, राजनगर एक्सटेंशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने बताया कि अमीनाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान बरामद टैबलेट ‘Flozen AA’ दवा का नमूना जांच में स्प्यूरियस (नकली) पाया गया था। इसी बीच गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा के मोबाइल की डिजिटल जांच में Flozen ब्रांड की नकली स्ट्रिप्स की तस्वीरें, पैकेजिंग से जुड़े दस्तावेज और मशीनों से संबंधित व्हाट्सएप चैट मिलीं।

इन डिजिटल साक्ष्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि लखनऊ में बरामद नकली दवा और देहरादून में संचालित अवैध फैक्ट्री एक ही अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और देहरादून स्थित फैक्ट्री पर छापा मार कर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया।

मोबाइल की जांच से खुलीं फैक्ट्री की परतें

गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। व्हाट्सएप चैट में प्रसिद्ध दवा ब्रांडों की नकली स्ट्रिप्स, पैकेजिंग सामग्री, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और निर्माण से जुड़ी तस्वीरें मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि पैकेजिंग पर जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए थे जिन्हें आम ग्राहक आसानी से पहचान नहीं सकता था।

इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर देहरादून स्थित अवैध फैक्ट्री का पता चला। आरोपी की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश एफएसडीए, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और उत्तराखंड एफएसडीए के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित परिसर में छापा मारा। यहां एक कमरे में आधुनिक अलू-अलू (Alu-Alu) पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई वोल्टेज स्टेबलाइजर, बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट और कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए गए।

मौके पर मिले साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें प्रसिद्ध कंपनियों की पैकेजिंग में भरकर बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी।

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नामी कंपनियों के नाम का हो रहा था दुरुपयोग

छापेमारी के दौरान Clavactam-625, Razo-D Capsules सहित कई चर्चित दवा ब्रांडों की नकली पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा Cipla, Dr. Reddy’s, Intas, Lupin, Elder और अन्य प्रमुख कंपनियों के नाम से छपे मास्टर कार्टन औरfak एल्युमिनियम फॉयल भी मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन दवाओं को असली बताकर विभिन्न राज्यों के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को नामजद किया गया है।

राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा तथा विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, जिनमें संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियां पूरे आर्थिक नेटवर्क तथा सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही हैं।

जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग केवल नकली दवाएं जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्माण से लेकर सप्लाई और बिक्री तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।

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