अब ट्रांजिट पास अनिवार्य: खनिज लदे वाहनों के फ्री प्रवेश से 10 साल में 1900 करोड़ की हानि - Patna News

सालाना 250 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य, बिना पास पकड़े जाने पर 66 लाख तक जुर्माना लगेगा

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सरकार ने बिहार में दूसरे राज्यों से खनिज लदे वाहनों के मुफ्त प्रवेश पर रोक लगा दी है। 10 वर्षों में ऐसे वाहनों के मुफ्त प्रवेश से राज्य सरकार को करीब 1900 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। अब यूपी और एमपी जैसे राज्यों की तर्ज पर प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है।

सरकार ने सालाना 250 करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था के तहत हर महीने दूसरे राज्यों से आने वाले 1.20 लाख से अधिक वाहनों को ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। इससे एक ही चालान पर बार-बार ढुलाई का खेल खत्म होगा। इस व्यवस्था के तहत बिना पास प्रवेश करने वाले वाहनों पर 66 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने और जब्ती का कड़ा प्रावधान किया गया है। जून तक इस व्यवस्था से सरकार को 21 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। अभी तक 40 से अधिक वाहनों पर जुर्माना लगाया गया है।

60 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर से मिलेगा पास : बिहार में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास की दरें तय हैं। चालान में यदि खनिज का वजन दर्ज है, तो 60 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क लगेगा। जिसपर वजन दर्ज नहीं होगा, उन्हें 85 रुपए प्रति घन मीटर की दर से शुल्क देना होगा।

एक चालान से 40 करोड़ की चोरी पर लगेगी रोक बिहार में हर महीने झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा और उत्तराखंड से 1.20 लाख से अधिक वाहन बालू, गिट्टी, पत्थर, संगमरमर और चूना पत्थर लेकर आते हैं। सबसे ज्यादा गाड़ियां यूपी और झारखंड सीमा से प्रवेश करती हैं। इससे पहले एक ही चालान पर बार-बार ढुलाई करने का खेल चल रहा था। यूपी-झारखंड से माल डंप करने के बाद उसी चालान का इस्तेमाल दूसरा वाहन कर लेता था, जिससे हर साल 40 करोड़ रुपए की सीधी चोरी हो रही थी। अब पोर्टल पर गाड़ी संख्या, मालिक का नाम, इंजन और चेसिस नंबर दर्ज होने से इस सिंडिकेट पर पूरी तरह ब्रेक लग जाएगा।

बिहार में दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाले वाहनों से ट्रांजिट पास के आधार पर शुल्क वसूला जा रहा है। नियम लागू होने के बाद एक सप्ताह में 4 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई है। ट्रांजिट पास लागू होने पर राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही अवैध खनिज व्यापार पर रोक लगेगी। - डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, खान एवं भूतत्व विभाग