नारनौल में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब बदलेगा दक्षिण हरियाणा की तस्वीर: कल पहले चरण का शुभारंभ, 10 हजार रोजगार के साथ किसानों-कारोबारियों, लोगों को मिलेगा फायदा - Narnaul News

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर (नांगल चौधरी क्षेत्र) में बन रहा हरियाणा इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब (IMLH) क्षेत्र के विकास की दिशा बदलने वाली परियोजना माना जा रहा है। करीब 886 एकड़ में विकसित हो रहे इस लॉजिस्टिक हब के पहले चरण का शुभ

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वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) और नेशनल हाईवे-148बी (NH-148B) से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के कारण यह परियोजना राष्ट्रीय स्तर के माल परिवहन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। इसके पहले चरण में लगभग 408 एकड़ क्षेत्र में बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है।

नारनौल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब का दौरा करती डीसी साथ में हैं एसपी व अन्य अधिकारी

नारनौल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब का दौरा करती डीसी साथ में हैं एसपी व अन्य अधिकारी

10 साल से अधिक समय से इंतजार

निजामपुर (नांगल चौधरी) मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव द्वारा नांगल चौधरी में आयोजित एक रैली के दौरान 28 मई 2015 को की थी। जिसके बाद से भूमि अधिग्रहण व अन्य कार्य किए गए। अब इसका करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

परियोजना के शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। अनुमान है कि यहां करीब 10 हजार रोजगार सृजित होंगे, जिनमें लगभग 4 हजार प्रत्यक्ष और 6 हजार अप्रत्यक्ष नौकरियां शामिल हैं। वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, डिजिटल ट्रैकिंग, मशीनरी संचालन, सुरक्षा सेवाएं और प्रशासनिक कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

छोटे कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

लॉजिस्टिक हब के संचालन से क्षेत्र में छोटे और मध्यम कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। ट्रांसपोर्ट, ट्रक मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स, पेट्रोल पंप, ढाबे, होटल, गेस्ट हाउस और दैनिक उपयोग की दुकानों की मांग बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

नारनौल में बने हब की फाइल फोटो

नारनौल में बने हब की फाइल फोटो

किसानों को भी होगा लाभ

इस परियोजना का लाभ किसानों और छोटे उद्योगों को भी मिलेगा। आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और मैकेनाइज्ड वेयरहाउस बनने से कृषि उत्पादों का सुरक्षित भंडारण संभव होगा। इससे फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की खराब होने वाली मात्रा कम होगी। साथ ही किसान और स्थानीय उद्यमी अपने उत्पाद कम परिवहन लागत पर दिल्ली, मुंबई सहित देश के बड़े बाजारों और बंदरगाहों तक आसानी से भेज सकेंगे।

जमीनों की मांग बढ़ी

लॉजिस्टिक हब के कारण आसपास के क्षेत्रों की जमीनों की मांग भी बढ़ी है। निजामपुर, तलोट और आसपास के गांवों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से जमीनों के दामों में तेजी आई है। वहीं बाहर से आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों के कारण स्थानीय लोगों को मकान, दुकान और गोदाम किराये पर देकर अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।

दक्षिणी हरियाणा के लिए विकास की गति

परियोजना के साथ क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर बिजली-पानी की व्यवस्था और रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। निजामपुर रेलवे स्टेशन के पास नई रेल साइडिंग विकसित होने से माल परिवहन और अधिक सुगम होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना न केवल महेंद्रगढ़ बल्कि पूरे दक्षिण हरियाणा के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देगी।