धमतरी में चंदा दल का दंतैल हाथी: वन विभाग ने 10 गांवों में अलर्ट जारी किया, ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह - Dhamtari News
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के जंगलों में एक बार फिर दंतैल हाथी की मौजूदगी से वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में चंदा दल का एक दंतैल हाथी (GBME1) घूम रहा है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगो
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वन विभाग के मुताबिक, हाथी अभी कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास है। इसके आगे बढ़कर जोगीडीह के आबादी वाले इलाके और धमतरी-केरेगांव रेंज की ओर जाने की संभावना है।
हाथी की मौजूदगी को देखते हुए जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों में भी लोगों को सतर्क किया गया है।
वन विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है। पीपरछेड़ी और कमारपारा समेत प्रभावित इलाकों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान किया गया है। लोगों से कहा गया है कि हाथी के इलाके में रहने के दौरान जंगल की तरफ न जाएं। साथ ही हाथी के पास जाने या उसे परेशान करने की कोशिश न करें।
वन विभाग ने अपील की है कि अगर किसी को हाथी दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी वन कर्मचारी को सूचना दें। इससे टीम समय पर मौके पर पहुंचकर जरूरी कार्रवाई कर सकेगी।



गरियाबंद की तरफ से पहुंचा हाथी
DFO कृष्ण जाधव ने बताया कि चंदा दल का यह हाथी गरियाबंद की तरफ से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है। फिलहाल यह छुही बीट में घूम रहा है। हाथी के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और बस्तियों को सतर्क किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह हाथी पहले भी इस इलाके में आ चुका है। उसकी लगातार आवाजाही को देखते हुए लगता है कि उसने इस क्षेत्र में आने-जाने का एक रास्ता बना लिया है। हाथी गरियाबंद से उत्तर सिंगपुर, धमतरी रेंज के डुबान क्षेत्र से होकर कभी वापस लौटता है तो कभी बालोद की ओर भी चला जाता है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट
डीएफओ कृष्ण जाधव ने कहा कि वन विभाग की कोशिश है कि हाथी बिना किसी परेशानी के अपने रास्ते पर आगे बढ़े। इसके लिए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाथी को परेशान करने या उसके पास जाने से खतरा बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
डीएफओ ने बताया कि हाथी सामान्य तौर पर शांत स्वभाव का है। ग्रामीण उसे छेड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। हाथी जिस दिशा में जा रहा है, उसे उसी रास्ते पर शांतिपूर्वक आगे बढ़ने देना सबसे सुरक्षित है। वन विभाग की केरेगांव टीम लगातार हाथी की लोकेशन पर नजर रख रही है।