करणी सेना पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले उतरेगी: 10 सीटों पर लड़ने की तैयारी; UGC पॉलिसी को लेकर 21 अगस्त को प्रदर्शन - Batala News

करणी सेना ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बिगुल फूंक दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने दीनानगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आधिकारिक घोषणा की है कि करणी सेना पंजाब में किसी भी दल के साथ गठबंधन

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संगठन ने शुरुआत में सीमावर्ती जिलों गुरदासपुर, पठानकोट और उसके आसपास के इलाकों की कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की है।

"किसी की दया पर नहीं, अपनी ताकत पर लड़ेंगे चुनाव"

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने अपनी राजनीतिक लाइन स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि करणी सेना पंजाब में किसी भी अन्य राजनीतिक दल के समर्थन या दया पर चुनाव नहीं लड़ने जा रही है। संगठन अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जमीनी ताकत के दम पर पूरी तरह स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेगी।"

अम्मू ने आगे बताया कि चुनाव के लिए समाज के विभिन्न वर्गों से आने वाले योग्य, ईमानदार और जनहित की सोच रखने वाले उम्मीदवारों को ही संगठन की तरफ से टिकट दिए जाएंगे। इन प्रत्याशियों का एकमात्र लक्ष्य आम जनता के बुनियादी मुद्दों को विधानसभा के पटल तक पहुंचाना होगा।

यूजीसी नियम और आरक्षण को लेकर 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन

प्रेस वार्ता के दौरान सूरजपाल अम्मू ने सिर्फ राज्य की राजनीति ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी संगठन का रुख साफ किया। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और मौजूदा आरक्षण प्रणाली से जुड़े संवेदनशील विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी।

अम्मू ने कहा कि करणी सेना देश की मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक और न्यायसंगत सुधारों की पुरजोर मांग कर रही है। इसी मांग के मद्देनजर आगामी 21 अगस्त को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल आंदोलन होने जा रहा है, जिसमें करणी सेना देश भर से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी।

सरकारों से अपील: संवेदनशील मुद्दों पर न हो राजनीति

अम्मू ने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों से अपील की है कि वे आरक्षण जैसे बेहद संवेदनशील और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दों का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिक लाभ या वोट बैंक के लिए न करें। सरकारों को नीतियां बनाते समय हर वर्ग के अधिकारों और उनकी जरूरतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

आखिर में उन्होंने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में करणी सेना के प्रतिनिधि ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विधानसभा की चौखट पार करेंगे और सदन के भीतर आम लोगों और मजलूमों की आवाज को पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे।