सदर अस्पताल के सभी वार्ड फूल,100 बेड की क्षमता, 300 मरीज करा रहे इलाज - Gumla News

जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसका सबसे अधिक असर सदर अस्पताल गुमला में देखने को मिल रहा है, जहां सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मरीजों की बढ़ती भीड़

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सदर अस्पताल 100 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है, लेकिन वर्तमान में यहां 300 से अधिक मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। सभी वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी पड़ी है और कई मरीजों का इलाज अस्पताल के बरामदे में लगाए गए बेड पर किया जा रहा है। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 600 से 750 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्यभार काफी बढ़ गया है।

गुमला आदिवासी बहुल जिला है। बारिश के मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बदलते मौसम, भीगने, दूषित पानी और संक्रमण के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी तथा अन्य बीमारियों के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।

सदर अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीजऔर प​​िरजन। 06 अगस्त 630 07 अगस्त 644 08 अगस्त 733 09 अगस्त 630 10 अगस्त 671 11 अगस्त 582 12 अगस्त 752 सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने बताया कि लोग मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करें। पीने के पानी को उबालकर या गर्म करके ही इस्तेमाल करें। सर्दी, खांसी या बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर उनके निर्देशानुसार दवा का सेवन करें। उन्होंने बारिश में अनावश्यक भीगने से बचने, साफ-सफाई बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की।

उनका कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी बरतने से अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है। इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर राहुल देव उरांव ने कहा कि बच्चों को भी बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों से बचने के लिए बड़ों की तरह की पानी से भींगने से बचना, गर्म खाना व पानी का सेवन करना जरूरी होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि उनके बच्चे अगर किसी प्रकार से बीमार होते है, तो उन्हें स्वयं से दवा नहीं देनी चाहिए। किसी भी चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा देने की अपील की है