नगर निगम लुधियाना 1000 का काम 3677 में करवाएगा: F&CC मेंबर का बोला-1144 करोड़ का टेंडर 1408 करोड़ किया; विरोध में आज नंगे पैर 12 किलोमीटर पैदल चलेगा पार्षद - Ludhiana News

लुधियाना नगर निगम के वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस पार्षद व एफएंडसीसी (F&CC) मेंबर गौरव भट्टी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरव भट्टी का सीधा आरोप है कि जो काम नगर निगम वर्तमान में 1,000 रुपए में करवा रहा है, उसी काम को करवाने के लिए न

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पार्षद गौरव भट्टी के अनुसार, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए शुरुआत में ₹1,144 करोड़ की राशि तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1,408 करोड़ कर दिया गया। भट्टी ने बताया कि पिछली F&CC मीटिंग में इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध हुआ था।

इसके बावजूद मेयर ने आज होने वाली बैठक के एजेंडे में इस विवादित प्रस्ताव को दोबारा शामिल कर लिया है। गौरव भट्टी का दावा है कि आज होने वाली F&CC की बैठक में इस भारी-भरकम टेंडर को मंजूरी देने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

इस प्रोजेक्ट और धांधली के विरोध में वे सफाई सेवकों के खाली रेहड़ों के साथ अपने दफ्तर से मेयर ऑफिस तक नंगे पैर 12 किलोमीटर पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

एफएंडसीसी मैंबर गौरव भट्‌टी ने प्रोजेक्ट पर कही ये अहम बातें….

  • दिल्ली वालों की सिफारिश पर बढ़ी टेंडर कॉस्ट : गौरव भट्टी ने प्रेस वार्ता के दौरान आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के इस टेंडर में सीधे तौर पर करोड़ों रुपए का घोटाला और वित्तीय अनियमितता की जा रही है। पहले इस प्रोजेक्ट का अनुमानित बजट ₹1,144 करोड़ रखा गया था, लेकिन बिना किसी ठोस और पारदर्शी कारण के इसे सीधे बढ़ाकर ₹1,408 करोड़ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोत्तरी दिल्ली से आए एक नेता की सिफारिश पर की गई है।
  • 15 हजार परिवारों के रोजगार पर संकट: पार्षद भट्‌टी ने कहा कि कि इस टेंडर के पास होने से न सिर्फ नगर निगम और लुधियाना की जनता पर ₹1,408 करोड़ का अनुचित वित्तीय बोझ पड़ेगा, बल्कि शहर में पिछले कई वर्षों से सफाई व्यवस्था में जुटे लगभग 15,000 गरीब और दलित परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। इस नए प्रोजेक्ट के लागू होने से इन सभी परिवारों के सामने रोजगार का गहरा संकट पैदा हो जाएगा।
  • शहरवासियों पर लगेगा अतिरिक्त टैक्स: भट्‌टी का कहना है कि अभी कूड़ा कलेक्शन को लेकर नगर निगम को कोई पैसे खर्च नहीं करने पड़ते हैं। कूड़ा कलेक्टर लोगों के घर से कूड़ा लेकर आते हैं और कंपेक्टर तक पहुंचाते हैं। इस काम के लिए नगर निगम को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता है। कूड़ा कलेक्टर हर परिवार से 50 से 100 रुपए लेकर यह काम कर रहे हैं और लोग उन्हें दे रहे हैं। अब निगम 1408 करोड़ रुपए में वेस्ट मैनेजमेंट का प्रोजेक्ट प्राइवेट कंपनी को देने का टेंडर जारी करने वाला है तो निगम पर इतना आर्थिक बोझ पड़ जाएगा जिसकी भरपाई लोगों के जेब से होगी। उनका कहना है कि साफ है कि लोगों को टैक्स में बढ़ोत्तरी होगी।
  • पिछली बैठक में खारिज हुआ था प्रस्ताव: F&CC के सदस्य गौरव भट्टी ने बताया कि इससे पहले आयोजित हुई F&CC की पिछली बैठक में भी इस टेंडर प्रस्ताव को रखा गया था। उस समय भी उन्होंने और अन्य सदस्यों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया था और वित्तीय गड़बड़ियों के चलते इस प्रस्ताव को रोक दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि जिस प्रस्ताव को विरोध के बाद रोक दिया गया था, उसे ही मेयर ने फिर से आज होने वाली F&CC की बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस ₹1,408 करोड़ के टेंडर को बिना जनहित की परवाह किए जल्दबाज़ी में पास कराने की कोशिश की जा रही है। हम इस तानाशाही और जनविरोधी फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
  • दो कंपनियां कर रही है काम: गौरव भट्‌टी ने कहा कि अभी नगर निगम में कूड़ा प्रबंधन को लेकर दो कंपनियां काम कर रही हैं। प्यारा सिंह एंड संस कंपनी शहर के 32 प्वाइंटों से कूड़ा उठाकर डंप तक ले जाती है। इसके बदले नगर निगम कंपनी को 350 रुपए प्रति टन दे रही है। वहीं दूसरी कंपनी ग्रीन टेक डंप साइट पर कूड़े को प्रोसेस कर रही है। कंपनी को नगर निगम इसके बदले 650 रुपए प्रति टन दे रहा है। इस तरह नगर निगम प्रति टन 1000 रुपए खर्च कर रहा है। यही अब बढ़कर 3677 रुपए करने की तैयारी है।
  • सिंगल कंपनी को देंगे कांट्रेक्ट: गौरव भट्‌टी का कहना है कि नगर निगम इस काम को सिंगल कंपनी को सीधे देने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि नगर निगम ने एक तो पैसे बढ़ा दिए दूसरा सीधे ही एक ही कंपनी को यह कांट्रेक्ट दिया जा रहा है। भट्‌टी का कहनना है कि 1408 करोड़ रुपए के टेंडर के लिए प्रोपर टेंडरिंग सिस्टम को अडॉप्ट किया जाना चाहिए था।
  • खाली रेहड़ों के साथ 12 किमी नंगे पैर पैदल मार्च का ऐलान: मेयर और नगर निगम प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ पार्षद गौरव भट्टी ने एक अनोखे तरीके से विरोध का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आज सुबह 10 बजे वे अपने जमालपुर स्थित अपने कार्यालय से पैदल नंगे पैर रवाना होंगे। इस दौरान उनके साथ सफाई कर्मचारियों के खाली रेहड़े भी होंगे। यह 12 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौकों और मार्गों से होती हुई मेयर हाउस (F&CC मीटिंग स्थल) पहुंचेगी।
  • जनता के पैसे और रोजगार की लड़ाई है: गौरव भट्टी ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी राजनीतिक दल या व्यक्तिगत पार्षद की नहीं है। यह लुधियाना के गरीब मजदूरों, दलित परिवारों के अधिकारों और शहर की जनता के टैक्स के पैसों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का काम जनता के पैसों का सही इस्तेमाल करना है, न कि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए दरें बढ़ाकर ₹1,000 के काम को ₹3,677 में करवाना। F&CC की मीटिंग में वे इस टेंडर के खिलाफ अपना लिखित विरोध दर्ज कराएंगे और किसी भी सूरत में इस जनविरोधी टेंडर को पास नहीं होने देंगे।
  • सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी ने छोड़ी थी मीटिंग: गौरव भट्‌टी ने बताया कि पांच दिन पहले हुई एफएंडसीसी की बैठक में भी यह प्रस्ताव पेश किया गया था। प्रस्तावों पर जब चर्चा शुरू हुई तो सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर ने भी विरोध जताया था। मेयर के साथ उनकी बहस हुई और दोनों बीच में बैठक छोड़कर चले गए थे।

कमिश्नर को दी शिकायत, टेंडर रद्द करने और जांच की मांग

कांग्रेस पार्षद एवं F&CC सदस्य गौरव भट्टी ने नगर निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के ₹1,408.66 करोड़ के टेंडर को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस आधार के इस टेंडर का बजट बढ़ा दिया गया है, जिससे निगम पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा। गौरव भट्टी ने विभागीय दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि वेस्ट ट्रांसफर और प्रोसेसिंग के काम पहले से चल रहे कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत शामिल हैं। इसके बावजूद नए 8-वर्षीय टेंडर में इन कार्यों को दोबारा शामिल करना कार्यों के को दोबारा शामिल करना वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस महंगे टेंडर से शहर के करीब 15,000 गरीब व दलित परिवारों की रोजी-रोटी छीन जाएगी।