10245 वार्डों के लिए नामांकन: निकाय चुनाव: पहले दिन प्रदेश में 1144 नामांकन, भरतपुर-डीग आगे, जयपुर-जोधपुर की सुस्त रफ्तार - Jaipur News
जयपुर8 घंटे पहले
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इलस्ट्रेशन: संजय डिमरी
29 अगस्त की रात से आ सकती है प्रत्याशियों की सूचियां
नगरीय निकाय आम चुनाव के तहत पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन उम्मीदवारों में भारी उत्साह देखने को मिला है। प्रदेश के सभी निकायों को मिलाकर पहले ही दिन कुल 1144 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं, जिसमें कुल 967 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई है। पहले दिन सर्वाधिक नामांकन दाखिल करने का रिकॉर्ड भरतपुर नगर निगम और डीग जिले के नाम रहा।
भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के लिए पहले ही दिन सबसे ज्यादा 34 नामांकन पत्र आए, जिसमें 31 दावेदार शामिल हैं। वहीं, निकायों की बात करें तो डीग जिले के डीग निकाय में 40 वार्डों के लिए 33 नामांकन और कामां में 35 वार्डों के लिए 25 नामांकन दाखिल कर दावेदारों ने अपनी ताकत दिखाई है। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में भी 30 नामांकन और कोटपूतली में 28 नामांकन आए हैं। गौरतलब है कि निकायों में सूचियां आने की शुरुआत 29 अगस्त की रात से होने संभावना है। अनुमान है कि पहले बीजेपी की सूचियां आना शुरू होंगी। इसके कुछ समय बाद ही कांग्रेस की सूचियां देखने को मिल सकती हैं।
177 प्रत्याशियों ने खेले ‘डबल दांव’, एक से अधिक फॉर्म दाखिल आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से एक बेहद दिलचस्प बात सामने आई है। पहले ही दिन प्रदेशभर में 177 उम्मीदवारों ने ‘डबल फॉर्म’ (यानी एक से अधिक नामांकन पत्र) दाखिल किए हैं। कुल भरे गए 1144 फॉर्म में से वास्तविक उम्मीदवारों की संख्या 967 ही है। तकनीकी गलतियों से बचने या निर्दलीय बैकअप तैयार रखने के लिए दावेदारों ने यह रणनीति अपनाई है। उदाहरण के तौर पर डीग निकाय में ही 24 उम्मीदवारों ने 33 फॉर्म भरे हैं, यानी 9 फॉर्म अतिरिक्त (डबल) आए हैं। इसी तरह कामां में 9 और बांदीकुई में 7 डबल फॉर्म दाखिल किए गए हैं।
निगम: आखिरी दिन बनेगा माहौल प्रदेश के बड़े नगर निगमों में सुस्ती का माहौल रहा। जयपुर में पहले दिन 13 नामांकन पत्र ही दाखिल हुए। कोटा में 4 नामांकन आए। जोधपुर में पहले दिन खाता तो खुला, लेकिन वहां 100 वार्डों के मुकाबले सिर्फ 1 नामांकन पत्र ही जमा कराया गया। माना जा रहा है कि राजनीतिक दलों द्वारा सिंबल (टिकट) फाइनल होने के बाद आखिरी दिनों में यहां भारी भीड़ उमड़ेगी।
मंत्रियों के सरकारी वाहनों, डाक बंगलों के इस्तेमाल पर रोक चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मंत्रियों और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त बोर्ड, निगम अध्यक्षों के लिए आचार संहिता लागू कर दी है। मंत्रियों के शासकीय दौरों, सरकारी संसाधनों के उपयोग और चुनावी क्षेत्रों में अधिकारियों को तलब करने पर प्रतिबंध लगाए हैं।
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