क्षेत्रीय दलों की चांदी: एक साल में चंदा तीन गुना बढ़कर पहुंचा 1050 करोड़ के पार, DMK सबसे आगे - regional parties received 1050 crore in declared donations in 2024 25

क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में मिले 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित चंदे में इससे एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। द्रमुक सबस ...और पढ़ें

क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे में मिले 1050 करोड़ रुपये (सांकेतिक तस्वीर)

क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे में मिले 1050 करोड़ रुपये (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे में मिले 1050 करोड़ रुपये

  2. एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक की वृद्धि

  3. एडीआर रिपोर्ट में दावा- द्रमुक को मिला सबसे अधिक चंदा 

पीटीआई, नई दिल्ली। क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में मिले 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित चंदे में इससे एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। द्रमुक सबसे अधिक चंदा पाने वाली पार्टी बनकर उभरी है।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है।

एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्रीय दलों को इस श्रेणी में (20 हजार रुपये से अधिक की) 2024-25 में कुल 1,051.56 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो 2023-24 में मिले 347.69 करोड़ रुपये से अधिक है।

द्रमुक 2024-25 में चंदा पाने वाली पार्टियों की सूची में भी सबसे ऊपर रही, जिसने 365.78 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने 184.96 करोड़ रुपये और वाईएसआर कांग्रेस 140.04 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की जानकारी दी।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2023-24 में तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा)को सबसे अधिक यानी 100.19 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।

राजनीतिक फंडिंग में कारपोरेट और कारोबारी घरानों का दबदबा रहा और इन्होंने 2024-25 में कुल 644.93 करोड़ रुपये का चंदा क्षेत्रीय दलों को दिया, जो इससे एक साल पहले दिए गए 227.61 करोड़ रुपये के चंदे से लगभग तीन गुना अधिक है।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक इन दो सालों में संख्या के लिहाज से सबसे अधिक व्यक्तिगत स्तर पर दान दिए गए और इनकी संख्या 5,647 रही। हालांकि, कुल दान की राशि में उनका योगदान महज 193.95 करोड़ रुपये या लगभग 14 प्रतिशत था।

एडीआर के मुताबिक 2024-25 में व्यक्तिगत दान की संख्या तो बढ़ी, लेकिन राशि के लिहाज से इसमें कमी आई।रिपोर्ट में बिना नाम बताए चंदा देने वालों से मिलने वाले चंदे में भारी बढ़ोतरी की ओर भी इशारा किया गया है।

यह राशि 2023-24 में 6.62 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 302.67 करोड़ रुपये हो गई, जिससे कुल दान में इनकी हिस्सेदारी लगभग 29 प्रतिशत हो गई। एडीआर के मुताबिक द्रमुक को बिना नाम बताए चंदा देने वालों से सर्वाधिक यानी 300.64 करोड़ रुपये का चंदा मिला।