बिजली निजीकरण के विरोध में 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल का ऐलान

August 9, 2026

बिजली निजीकरण के विरोध में 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल का ऐलान

Strike announced from August 11 to 13 : महेंद्रगढ़। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बिजली क्षेत्र में निजीकरण के प्रस्तावित कदमों के विरोध में 11, 12 और 13 अगस्त को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। मोर्चा ने नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर प्रस्तावित बदलाव तथा एग्री डिस्कॉम बनाए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे आम जनता, किसानों और बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया है। मोर्चा की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि हड़ताल के दौरान गर्मी और बरसात के मौसम में आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी परेशानी हो सकती है। संगठन ने उपभोक्ताओं से इस दौरान कर्मचारियों के साथ सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार के विवाद से बचने की अपील की है।

निजीकरण से बिजली महंगी होने की जताई आशंका

कर्मचारी संगठन का दावा है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने से भविष्य में किसानों और आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। संगठन ने आशंका जताई है कि कृषि क्षेत्र में मिलने वाली बिजली सब्सिडी प्रभावित हो सकती है और किसानों की लागत बढ़ सकती है। मोर्चा ने यह भी कहा कि निजी कंपनियां मुनाफे को प्राथमिकता देंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और नई बिजली लाइनों के विस्तार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, इन आशंकाओं को संगठन ने अपने विरोध का आधार बताया है। बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण की स्थिति में सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर कम होने तथा ठेका प्रथा बढ़ने की आशंका जताई है। संगठन के अनुसार लाइनमैन, जेई और अन्य तकनीकी पदों पर नियमित भर्ती के बजाय आउटसोर्सिंग बढ़ने से युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। मोर्चा ने कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, जोखिम भत्ता, पुरानी पेंशन योजना सहित विभिन्न मांगें भी उठाई हैं। संगठन ने सरकारी बिजली वितरण कंपनियों को मजबूत करने, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती करने तथा बिजली क्षेत्र को जनसेवा के रूप में संचालित करने की मांग की है।

चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने नूंह-गुरुग्राम में प्रस्तावित समानांतर लाइसेंस व्यवस्था को वापस लेने, एग्री डिस्कॉम के फैसले पर पुनर्विचार करने, सरकारी डिस्कॉम को मजबूत करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है। संगठन ने आमजन से अपील की है कि हड़ताल को कर्मचारियों के खिलाफ आंदोलन न मानते हुए उनके साथ सहयोग करें। मोर्चा का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य बिजली व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक सेवा के रूप में बनाए रखना है।