लॉज का कमरा नंबर-11 कैसे बना 'मौत का घर'? श्रीदेवी समेत बाथरूम में 3-बेडरूम में 2 लाशें, 3 दिनों तक सड़ती रहीं
Published: Tuesday, August 25, 2026, 16:58 [IST]
5 Family Members Dead Bodies Srisailam News: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्रीशैलम में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत ने सनसनी फैला दी। मंगलवार (25 अगस्त) को वड्डे सतराम के एक लॉज के बंद 'कमरा नंबर-11' से लाशें बरामद की गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब 1 महीने से इस कमरे में परिवार ठहरा हुआ था और 3 दिनों से बाहर नहीं निकला था।
कमरे से बदबू आने पर, पुलिस को बुलाया गया। कमरे का दरवाजा खुलते ही रूह कंपाने वाला मंजर नजर आया। 3 महिलाओं की लाशें बाथरूम व दो की बेडरूम से निकाली गईं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे हो गई मौत...
कमरे से आने लगी दुर्गंध, तब खुला मौत का राज
पुलिस के मुताबिक, श्री सत्य साईं जिले के बट्टलापल्ली गांव का रहने वाला परिवार 28 जुलाई को श्रीशैलम पहुंचा था। परिवार के पांचों सदस्य सुधाकर के ऑटो रिक्शा से आए थे और तीर्थयात्रियों के ठहरने की सुविधा वड्डे सतराम में कमरा नंबर-11 लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, वे करीब एक महीने से वहां ठहरे हुए थे। 25 अगस्त को कमरे का दरवाजा काफी समय से बंद था। जब लॉज के कर्मचारियों को अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी तो उन्हें शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा खोलने पर अंदर 5 लोगों के शव मिले। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है।
बेडरूम में दो और बाथरूम में मिलीं तीन लाशें
खास बात यह है कि तीन महिलाओं की लाशें बाथरूम में और दो आदमियों की लाशें छत के पंखे से लटकी मिलीं। पुलिस को आशंका है कि मौतें शव बरामद होने से करीब तीन दिन पहले हुई होंगी। मतलब साफ है कि 3 दिनों से कमरे से कोई बाहर नहीं निकला।
मृतकों की पहचान पुलिस ने मरने वालों की पहचान सुधाकर (36), उनकी बहनों गोगुला आदिलक्ष्मी (50), मल्लेश्वरी (45), श्रीदेवी (33) और मणिकांता (15) के रूप में की है। मणिकांत, मल्लेश्वरी का बेटा था। परिवार श्री सत्य साईं जिले के बट्टलापल्ली गांव का रहने वाला था।
कौन थे परिवार के पांच सदस्य?
पुलिस के अनुसार, सुधाकर अविवाहित थे और ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। उनकी दो बड़ी बहनें अपने पतियों से अलग रह रही थीं। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह भी सामने आया कि परिवार के कई सदस्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई गई है। पुलिस को संदेह है कि लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक मुश्किलों ने परिवार को बेहद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंचा दिया था। इसी वजह से सामूहिक मौत को गले लगाया गया।
मंदिर में मन्नत पूरी करने की बात भी सामने आई
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब सतराम प्रबंधन ने परिवार से कमरा खाली करने को कहा था, तब उन्होंने कुछ और समय मांगा था। कथित तौर पर उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया और मंदिर में अपनी मन्नत पूरी करने की बात कही थी। इसके बाद भी वे कमरे में ही रुके रहे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिवार की परिस्थितियों के साथ-साथ श्रीशैलम पहुंचने से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
करीब एक महीने तक कमरे में रहा परिवार
यह मामला इसलिए भी हैरान करने वाला है, क्योंकि परिवार 28 जुलाई को श्रीशैलम पहुंचा था और 25 अगस्त को उनके शव बरामद हुए। यानी वे लगभग 1 महीने तक उसी आवास में रहे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौतें वास्तव में कब हुईं और घटना से पहले परिवार के सदस्यों की गतिविधियां क्या थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के समय और अन्य महत्वपूर्ण परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
आत्मकुर डीएसपी रमनंजनेयुलु ने घटनास्थल का दौरा किया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिक आशंका सामूहिक खुदकुशी की है, लेकिन जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने से पहले मौतों की वजह को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
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