भगवान राम दिन के 12 बजे और कृष्ण रात के 12 बजे क्यों जन्मे? जानिए इसके पीछे की कथा
Lord Krishna and Ram Birth: हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में माना जाता है. दोनों ने अलग-अलग युगों में धरती पर अवतार लेकर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना की. भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर हुआ था, जबकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस की बहन देवकी और वसुदेव के घर कारागार में हुआ था.
दोनों भगवान के जन्म की कथाएं अपने आप में बेहद रोचक हैं, लेकिन एक बात अक्सर लोगों की जिज्ञासा बढ़ाती है. भगवान राम का प्राकट्य जहां दिन के मध्याह्न यानी करीब 12 बजे बताया जाता है, वहीं भगवान कृष्ण ने मध्यरात्रि यानी रात 12 बजे जन्म लिया था. आखिर दोनों के जन्म का समय इतना अलग क्यों था? पौराणिक मान्यताओं और जन्म से जुड़े प्रसंगों में इसके पीछे कई प्रतीकात्मक और धार्मिक कारण बताए गए हैं.
कृष्ण का जन्म आधी रात को क्यों हुआ था?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि यानी रात 12 बजे मथुरा के कारागार में हुआ था. राजा कंस ने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर रखा था और वहां कड़ा पहरा था. मान्यता के अनुसार, कृष्ण के जन्म के समय पहरेदार गहरी नींद में सो गए और कारागार के द्वार खुल गए. इसी अवसर का लाभ उठाकर वसुदेव बालक कृष्ण को सुरक्षित गोकुल पहुंचा सके.
आधी रात का समय सबसे गहरे अंधकार का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब संसार में अधर्म और अज्ञान का अंधकार बढ़ता है, तब भगवान दिव्य प्रकाश के रूप में प्रकट होते हैं. इसलिए कृष्ण का अंधेरी रात में जन्म लेना अधर्म पर धर्म और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक माना जाता है.
कृष्ण जन्म से जुड़ी मान्यताओं में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, निशीथ काल और वृषभ लग्न का उल्लेख मिलता है. यहां एक बात समझना जरूरी है कि शास्त्रों में बिल्कुल रात 12 बजे नहीं लिखा है. वहां, निशीथ काल का उल्लेख मिलता है. निशीथ काल का मतलब मध्यरात्रि के आसपास का समय है, जिसे आजकल रात 12 बजे के करीब कहा जाता है.
भगवान राम का जन्म दिन के 12 बजे क्यों हुआ?
भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मध्याह्न काल में हुआ था. मान्यताओं के अनुसार, उनके जन्म के समय अभिजीत मुहूर्त, कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र का योग था.
भगवान श्रीराम सूर्यवंश यानी इक्ष्वाकु कुल में प्रकट हुए थे. इसलिए उनके जन्म के समय सूर्य के आकाश के मध्य यानी अपने तेज और प्रभाव के चरम पर होने को प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. मध्याह्न का समय प्रकाश, ऊर्जा और सत्य का प्रतीक माना जाता है, जो भगवान राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप से जोड़ा जाता है. दिन के मध्य का समय अभिजीत मुहूर्त से भी जुड़ा है. धार्मिक मान्यताओं में इसे बेहद शुभ समय माना जाता है. इसे ऐसे समय के रूप में देखा जाता है जो शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी होता है.
भगवान विष्णु ने क्यों लिया राम अवतार?
भगवान राम के जन्म से जुड़ी मान्यताओं में कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र का उल्लेख मिलता है. कर्क लग्न को संवेदनशीलता, करुणा और जनकल्याण जैसे गुणों से जोड़ा जाता है. पौराणिक कथाओं की मानें तो उस समय धरती पर रावण और अन्य असुरों का अत्याचार बढ़ गया था. रावण की शक्ति और अत्याचार से देवता भी चिंतित थे. इसके बाद देवी-देवताओं ने भगवान विष्णु से धरती को अधर्म और अत्याचार से मुक्त कराने की प्रार्थना की.
धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर राम के रूप में अवतार लिया. आगे चलकर भगवान राम ने अपने जीवन में मर्यादा, सत्य, धर्म और कर्तव्य का आदर्श स्थापित किया और रावण का वध कर अधर्म का अंत किया.
राम और कृष्ण के जन्म समय में इतना अंतर क्यों?
धार्मिक व्याख्याओं में दोनों अवतारों के जन्म समय को उनके जीवन और उद्देश्य से जोड़कर देखा जाता है. भगवान राम का प्राकट्य दिन के प्रकाश और मध्याह्न में हुआ, जिसे सत्य, धर्म और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है. वहीं भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि के अंधकार में हुआ, जिसे अधर्म के बीच दिव्य प्रकाश के प्रकट होने का प्रतीक माना जाता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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