एक लापरवाही पर हो सकती है आईआईटी सीट निरस्त: चौथे राउंड की ऑनलाइन रिपोर्टिंग 13 जुलाई शाम 5 बजे तक, फाइनल एडमिशन का तरीका अलग - Kota News
देश के आईआईटी, एनआईटी समेत 134 शीर्ष तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग का दौर जारी है। चौथे राउंड के सीट आवंटन के बाद अब स्टूडेंट्स के पास 13 जुलाई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग करने का मौका है।
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करियर एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स में कोई कमी पाई जाती है, तो स्टूडेंट्स को 14 जुलाई शाम 5 बजे तक हर हाल में क्वेरी का जवाब देना होगा। ऐसा नहीं करने पर आवंटित सीट तुरंत निरस्त कर दी जाएगी।

चौथे राउंड के सीट आवंटन के बाद अब स्टूडेंट्स के पास 13 जुलाई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग करने का मौका है।
फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया अलग
एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि पांचवें राउंड के बाद आईआईटी और एनआईटी सिस्टम में फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह अलग होगी। स्टूडेंट्स को इन नियमों को बारीकी से समझना होगा। जिन स्टूडेंट्स को IIT की सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें आवंटित आईआईटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर शेष कॉलेज फीस और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लेनी होगी। इसके बाद स्टूडेंट्स को अलॉटेड कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग (स्वयं उपस्थित होकर) के माध्यम से अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
फीस जमा नहीं कराने पर सीट रद्द
हर आईआईटी की फिजिकल रिपोर्टिंग की तारीखें अलग-अलग हैं। एनआईटी सिस्टम में सीट मिलने पर स्टूडेंट्स को सबसे पहले 22 से 24 जुलाई के बीच आंशिक प्रवेश फीस ऑनलाइन जमा करानी होगी। फीस जमा नहीं करने पर सीट रद्द हो जाएगी।

एनआईटी सिस्टम में सीट मिलने पर स्टूडेंट्स को सबसे पहले 22 से 24 जुलाई के बीच आंशिक प्रवेश फीस ऑनलाइन जमा करानी होगी। फीस जमा नहीं करने पर सीट रद्द हो जाएगी।
आईआईटी सीट नहीं छोडी तो अगले साल एडवांस से बाहर
एजुकेशन एक्सपर्ट ने बतया कि अगर स्टूडेंट इस साल मिली आईआईटी की सीट से संतुष्ट नहीं हैं और अगले साल जेईई एडवांस की परीक्षा में दोबारा बैठना चाहते हैं, तो आपके लिए 14 जुलाई शाम 5 बजे तक सीट विड्रॉल (सीट छोड़ना) करना अनिवार्य है।
अगर तय समय तक आईआईटी की सीट विड्रॉल नहीं की, तो आप अगले साल जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए अपात्र हो जाएंगे। यह नियम एनआईटी सिस्टम पर लागू नहीं होता। एनआईटी की सीट छोड़ने या नहीं छोड़ने का असर अगले साल की जेईई-मेन या जेईई-एडवांस्ड की पात्रता पर नहीं पड़ता है।