किसान मजदूर मोर्चा की 13 को चंडीगढ़ में बैठक: MSP से लेकर मुआवजे तक कई मुद्दों पर मंथन, अगले आंदोलन पर फैसला संभव - Chandigarh News

किसानों के लंबित मुद्दों और मांगों को लेकर 13 अगस्त को चंडीगढ़ किसान भवन में बैठक बुलाई गई है। इसमें शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चले किसान मोर्चे के दौरान उठे मुद्दों और मांगों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसान नेताओं की ओर से बैठक में अगले बड़े आंदोलन

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मोर्चे से जुड़े किसान नेताओं के अनुसार, बैठक में आंदोलन के दौरान उठाई गई किसानों की मांगों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार के स्तर पर लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को फिर तेज किया जा सकता है।

जानकारी देते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंधेर।

जानकारी देते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंधेर।

जानिए किसान बैठक में किन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

  • शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी का मुद्दा: किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने वीडियो जारी कर बताया कि बैठक में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की जाएगी। किसान नेता शहीद शुभकरण सिंह समेत आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले सभी किसानों के परिवारों को बकाया मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
  • परिवारों के लिए घोषित सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाए: किसान नेता सरकार से मांग करेंगे कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए घोषित सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि जिन परिवारों को अभी तक मुआवजा या सरकारी नौकरी नहीं मिली है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा किया जाना चाहिए।
  • किसानों पर कार्रवाई और नुकसान की भरपाई का मुद्दा भी एजेंडे में: शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी। किसान नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान किसानों और उनके नेताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके सामान को नुकसान पहुंचाया गया। मोर्चा ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है। बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति भी तय की जाएगी।
  • दिल्ली समेत दर्ज केस वापस लेने की मांग: किसान नेता दिल्ली आंदोलन-1 और आंदोलन-2 के अलावा पंजाब व देश के अन्य हिस्सों में किसानों के खिलाफ दर्ज पुलिस केस वापस लेने की मांग भी उठाएंगे। किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि किसानों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
  • MSP की कानूनी गारंटी और कर्जमाफी पर होगा मंथन: बैठक में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी का कानून बनाने और किसानों को कर्जमुक्त करने की मांग पर भी चर्चा होगी। किसान संगठन लंबे समय से MSP की कानूनी गारंटी को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल करते रहे हैं। यह भी तय किया जाएगा कि इन मांगों को लेकर केंद्र सरकार के सामने आगे किस तरह दबाव बनाया जाए और आंदोलन की दिशा क्या होगी।
  • पंजाब सरकार के वादों पर भी उठेंगे सवाल: किसान मजदूर मोर्चा पंजाब सरकार के स्तर पर लंबित मुद्दों को भी बैठक में उठाएगा। इनमें सभी फसलों पर MSP देने, किसानों को कर्जमुक्त करने और राज्य की कृषि नीति लागू करने से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से किए गए वादों की स्थिति की समीक्षा जरूरी है। इसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
  • BBMB, बाढ़ मुआवजा और लैंड पूलिंग पॉलिसी पर भी चर्चा: बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड पर केंद्र के बढ़ते नियंत्रण का विरोध भी प्रमुख मुद्दा रहेगा। इसके अलावा पंजाब में बाढ़ से प्रभावित किसानों और परिवारों के लिए मुआवजे की मांग पर चर्चा होगी। राज्य सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर भी किसान नेताओं के बीच गंभीर विचार-विमर्श होगा। बैठक में नीति के संभावित प्रभावों और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद संगठन का अगला रुख तय किया जाएगा।

गांवों में बैनर-फ्लेक्स लगाने की तैयारी

किसान नेताओं के अनुसार, आने वाले दिनों में पंजाब के गांवों में फ्लेक्स और बैनर लगाए जाएंगे। इनके जरिए सरकार की नीतियों और किसान आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। बैनरों पर ‘ट्रॉली चोरों, शंभू-खनौरी में हुए नुकसान की भरपाई करो’ जैसे संदेश लिखे जाने की बात कही गई है। बैठक में इस अभियान की रूपरेखा और इसे गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर भी फैसला लिया जाएगा।