14 दिन, 19 गिरफ्तारियां, No Shaadi के नारे... झारखंड छात्र आंदोलन में अब तक क्या-क्या हुआ? AISA राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फेंकी स्याही
Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है. स्टेडियम और बापू वाटिका के आसपास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे हैं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं. अब आंदोलन ने NO Job-No Shadi के पोस्टर चर्चा का विषय बन रहे हैं.
बता दें कि झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 25 जुलाई 2026 से रांची में जारी है. ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. आंदोलन तब तेज हुआ जब जुलाई में JPSC प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कुछ उत्तर पुस्तिकाएं वायरल हुईं. छात्रों ने कम सवालों के जवाब देने वाले अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए. छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना भी सामने आई.
CBI या ED से जांच की मांग
अब प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और मामले की CBI या ED से जांच की मांग कर रहे हैं. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर हैं. सरकार ने बातचीत के लिए मंत्रिस्तरीय समिति बनाई है, जबकि CID मामले की जांच कर रही है.
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा पर फेंकी स्याही
छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं. AISA की ओर से छात्रों की मांगों के समर्थन में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला गया. मार्च के दौरान स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई, जब नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की बात सामने आई. घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर हंगामा बढ़ गया. छात्र प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. वहीं, विधानसभा मार्च के दौरान हुई इस घटना ने आंदोलन के बीच सियासी और प्रशासनिक तनाव को और बढ़ा दिया है.
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अब तक 19 गिरफ्तारियां
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच कर रही CID अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच के सिलसिले में पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांगते से भी पूछताछ की जा चुकी है. हालांकि, CID की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं. छात्रों का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे CBI या ED को सौंपा जाना चाहिए.
छात्रों से बातचीत के लिए बनी 4 सदस्यीय SIT
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की पहल हुई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर सरकार ने छात्रों से संवाद के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है. वहीं, छात्रों ने भी सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है. हालांकि, बातचीत की तैयारी के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
हाथों में दिखे No Job-No Shaadi के पोस्टर
छात्रों का आंदोलन अब अपने अनोखे नारों और पोस्टरों की वजह से भी चर्चा में है. प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के हाथों में ‘नो जॉब, नो शादी’ लिखे पोस्टर नजर आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन पोस्टरों के जरिए युवा रोजगार की कमी और भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी का असर अपनी निजी जिंदगी पर पड़ने की ओर ध्यान खींच रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से उनके भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं.
‘नो जॉब, नो शादी’ का नारा इसी बेचैनी और नाराजगी को एक अलग अंदाज में सामने रखता है. यही वजह है कि रांची का यह छात्र आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा और भर्ती के मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के भविष्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता की बहस से भी जुड़ गया है.
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राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का मिलने लगा सहयोग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत की इच्छा जताई है. वहीं, अलग-अलग छात्र गुटों ने वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधियों के नाम प्रशासन को सौंपे हैं. हालांकि, अभी तक बैठक की कोई अंतिम तारीख तय नहीं हुई है. दूसरी ओर, आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है. विभिन्न दलों और आदिवासी संगठनों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है. इसी क्रम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने झारखंड विधानसभा मार्च का आह्वान किया है.