'14 नींद की गोलियां खाओ, वरना गर्दन काट देंगे', फिल्म में पैसा लगाने की चाह पड़ी भारी; हीरोइन के जाल में फंसकर गंवाई जान
अगर आपको फिल्में देखान पसंद तो आपने क्राइम थ्रिलर कई दफा देखा होगा, जिसे देखने के बाद आप भी सोचते होंगे क्या यह सब रियल में हो सकता है. आज हम आपको साल 2012 की एक ऐसी रियल कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनने के बाद आपके भी होश उड़ जाएंगे. हम बात कर रहे हैं, फिल्म प्रोड्यूसर का सपना रखने वाले करण कक्कड़ की.
आज हम आपको 28 साल के करण कक्कड़ के बारे में बताएंगे कि कैसे उन्हें मौत के घाट उतारा गया है. बता दें कि करण दिल्ली में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के संचालक थे. उनका कारोबार काफी बढ़िया चल रहा था. हालांकि, करण का सपना इससे भी बड़ा था, वो मुंबई जाकर फिल्म प्रोड्यूसर के तौर पर काम करने की चाहत रखते थे. एक समय पर करण मुंबई चले गए और उन्होंने अंधेरी में ओबेरॉय स्प्रिंग्स पर एक अपार्टमेंट किराए पर लिया था. इसके बाद करण लगातार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से मुलाकात शुरू कर दी थी. अपने सफर को आसान करने के लिए उन्होंने एक सेकंड-हैंड BMW कार भी खरीदा था.
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करण कक्कड़ की कैसे हुई मौत
दरअसल, यह जानकारी करण कक्कड़ की मौत के बाद उनके भाई हरीश ने ‘द टेलीग्राफ’ से बातचीत में बताया था. भाई ने कहा था कि करण को लैविश लाइफ देने के लिए काफी पैसे खर्च किए थे उन्होंने मुंबई में अपार्टमेंट किराए पर लिया, सेकंड-हैंड कार खरीदा था. लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह लैविश लाइफस्टाइल उनकी जान ले लेगा. जांच टीम ने यह माना था कि करण की मौत का कारण उनका लैविश लाइफस्टाइल ही बना था.
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‘द टेलीग्राफ’ को जांच टीम ने जानकारी दी थी कि स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस और मॉडल सिमरन को जब इस बात की जानकारी हुई की करण कक्कड़ काफी पैसे वाले हैं और वो फिल्म प्रोड्यूस करना चाहते हैं. इस बात का फायदा उठाकर सिमरन करण के करीब आई और उसे भरोसा दिलाया कि वो इंडस्ट्री में निवेश करने के लिए मदद करेगी. एक दिन करण को एक मीटिंग के लिए बुलाया था. इस बात से करण काफी खुश थे, उन्हें लगा कि अब उनका करियर चल पड़ेगा. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जैसा करण ने सोचा था. दरअसल, जब करण मीटिंग के लिए एक फ्लैट में पहुंचे तो उन्हें मुख्य आरोपी गैंगस्टर वीजय पांडे और उनके साथी ने करण पर हमला बोला और बंधक बना लिया.
करण को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उनके पास से बैंक के सारे कार्ड छीन लिए और अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए. जब करण कक्कड़ का पैसा खत्म हो गया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने का निर्णय लिया. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने करण को मरने का दो ऑप्शन दिए थे. आरोपियों ने करण से कहा था कि होश में रहते हुए गर्दन काट दिया जाए या फिर नींद की गोलियां खा ले. करण ने दूसरा ऑप्शन चुना और करण ने 14 नींद की गोलियां खा ली. आरोपियों ने करण का गला बाथरूम में काटा था और बाद में लाश के टुकड़े-टुकड़े किए थे. इतना ही नहीं आरोपियों ने करण के कार में ही सुनसान रास्तों पर ले जाकर फेंक दिया था. आपको बता दें कि इस साजिश के गैंगस्टर विजय पलांडे, उसके साथी धनंजय शिंदे ने स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस सिमरन का यूज किया था. इस लूट और हत्या का आरोप पलांडे पर लगा था.
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