गंगा-बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा, 15,708 परिवार प्रभावित: खगड़िया की 23 पंचायतें बाढ़ की चपेट में; 56 राहत शिविर, 137 रसोई तैयार - Khagaria News

खगड़िया के में गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। 6 सितंबर को जारी प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक परबत्ता, गोगरी, मानसी और खगड़िया अंचल की 23 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं।

.

इन इलाकों के 15,708 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

देखें, मौके से आई तस्वीरें…

गंगा का जलस्तर 36.05 मीटर, 12 घंटे में 12 सेंटीमीटर बढ़ा

गंगा नदी का जलस्तर 36.05 मीटर दर्ज किया गया है, जो हाई फ्लड लेवल (HFL) से महज 29 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

वहीं बूढ़ी गंडक का जलस्तर 38.10 मीटर है, जो HFL से 1.12 मीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों, नदियों और संवेदनशील इलाकों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

चार अंचलों की 23 पंचायतें बाढ़ की चपेट में

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार गोगरी की 7, खगड़िया की 3, मानसी की 3 और परबत्ता की 10 पंचायतें प्रभावित हैं। प्रभावित परिवारों का सत्यापन संबंधित अंचल अधिकारियों के माध्यम से कराया जा रहा है।

56 राहत शिविर और 137 सामुदायिक रसोई चिन्हित

बाढ़ प्रभावित और संभावित इलाकों में प्रशासन ने 56 राहत शिविर और 137 सामुदायिक रसोई चिन्हित की हैं। शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बाढ़ संभावित पंचायतों में शाम के समय चौपाल लगाकर ग्रामीणों से भी सीधे फीडबैक लिया जा रहा है।

35 हजार से अधिक पॉलीथीन शीट का स्टॉक

बाढ़ पीड़ितों के लिए पॉलीथीन शीट का पर्याप्त भंडार रखा गया है। गोगरी में 10,120, खगड़िया में 13,458, मानसी में 1,003 और परबत्ता में 10,040 शीट उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 4,750 शीट का अतिरिक्त स्टॉक रखा गया है।

743 गर्भवती महिलाओं पर प्रशासन की नजर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 743 गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। परबत्ता में 266, गोगरी में 133, खगड़िया में 280 और मानसी में 64 गर्भवती महिलाएं चिह्नित हैं। प्रसव की संभावित तिथि नजदीक आने पर उन्हें समय से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की गई है। इसके लिए चारों प्रभावित अंचलों में एक-एक बोट एंबुलेंस संचालित की जा रही है।

93 नावों से जारी है आवागमन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और जरूरी सेवाओं के लिए 93 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें परबत्ता में 22, खगड़िया में 26, गोगरी में 37 और मानसी में 2 नाव शामिल हैं। जरूरत बढ़ने पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने की बात कही गई है।

तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, कर्मी तैनात

जिले के सभी तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-1 और 2 के तहत तटबंधों के प्रत्येक किलोमीटर पर श्रमिकों की तैनाती की गई है। कार्यपालक अभियंता भी तटबंधों का पैदल निरीक्षण कर रहे हैं।

बाढ़ के बीच डूबने से दो लोगों की मौत

बाढ़ के बीच जिले में डूबने की दो घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। भरतखंड थाना क्षेत्र में संत विनोबा कॉलेज के पीछे डूबने से परबत्ता अंचल के 60 वर्षीय विलास मुनी की मौत हुई।

वहीं रहीमपुर उत्तरी पंचायत के वार्ड नंबर-9 स्थित सहनी टोला में तीन वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन ने दोनों मृतकों के निकटतम आश्रितों को जल्द अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

पशुओं के लिए लगाए गए शिविर

पशुओं की सुरक्षा के लिए 5 सितंबर से प्रभावित अंचलों में पशु शिविर शुरू किए गए हैं। अब तक 92 पशुओं और 57 पशुपालकों को इसका लाभ मिला है। प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुओं को नदी किनारे और जलस्रोतों के आसपास न रखें।

जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा

बाढ़ की वर्तमान स्थिति और आगामी तैयारियों को लेकर 6 सितंबर को परबत्ता, गोगरी, मानसी और खगड़िया अंचल के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई।

इसके बाद जिलाधिकारी ने समाहरणालय सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों से फीडबैक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।