150 साल पुराना रास्ता हुआ बंद, स्कूल-डाकघर-अस्पताल जाना मुश्किल; 50 परिवार परेशान

150 साल पुराना रास्ता हुआ बंद, स्कूल-डाकघर-अस्पताल जाना मुश्किल; 50 परिवार परेशान

रास्ता में लगाया गया अवरोध पार करते स्कूली बच्चे.

Mangalore News: कर्नाटक के मंगलौर जिले के बंटवाल तालुक के अनंतदी गांव में करीब 150 साल पुराना पारंपरिक पैदल मार्ग बंद होने से 50 से ज्यादा परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नादुमाने, सुदेकातेमारु और पुंजावु इलाके के लोग लंबे समय से इसी रास्ते का इस्तेमाल करते आ रहे थे. रास्ता बंद होने के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने अब बंटवाल तहसीलदार को याचिका देकर रास्ते से अवरोध हटाने और इसे दोबारा सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए खोलने की मांग की है.

डेढ़ सदी से इस्तेमाल कर रहे थे ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक, अनंतदी गांव के सर्वे नंबर 137 में स्थित यह पैदल मार्ग करीब डेढ़ सौ साल से सार्वजनिक आवाजाही के लिए इस्तेमाल होता रहा है. गांव के कई परिवार अपने दैनिक कामकाज के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं. हालांकि, हाल ही में इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिसके बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई. ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से उन्हें दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे रोजाना आने-जाने में ज्यादा समय लग रहा है और बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.

स्कूल और आंगनवाड़ी जाने में भी दिक्कत

मार्ग बंद होने का सीधा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है. बच्चों को स्कूल और आंगनवाड़ी तक पहुंचने में परेशानी हो रही है. इसके अलावा दूध और डेयरी, डाकघर और अस्पताल जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों के मुताबिक, कई लोगों के लिए यह रास्ता रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा था. रास्ता बंद होने के बाद छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है.

पेंशन और सरकारी काम के लिए भी परेशानी

बुजुर्गों के लिए परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन और दूसरे सरकारी लाभ लेने के लिए डाकघर जाते हैं. पैदल मार्ग बंद होने के कारण उनके लिए डाकघर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. इसके अलावा अस्पताल जाने वाले लोगों और रोज काम पर जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

तहसीलदार से तत्काल कार्रवाई की मांग

रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने बंटवाल तहसीलदार को लिखित याचिका सौंपी है. उन्होंने प्रशासन से जनहित को देखते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. ग्रामीणों की मांग है कि पैदल मार्ग पर लगाए गए अवरोध को हटाया जाए और इसे फिर से आम लोगों की आवाजाही के लिए खोला जाए. उनका कहना है कि इससे 50 से अधिक परिवारों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी.

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा की 6 साल से जर्नलिज्म की Journey जारी है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को बनाने में अहम योगदान भारत के राज्यों का है. इन राज्यों से जुड़ी हर खटपट, चाहे राजनीतिक हो या सामाजिक, वो आप तक पहुंचाने में जुटा हुआ हूं. उत्तर प्रदेश समेत देश के तमाम बड़े राज्यों की सियासत को समझता हूं और बेबाकी से उसे लिखता हूं. जर्नलिज्म की Journey 2017 में न्यूज चैनल समाचार टुडे से स्टार्ट हुई, फिर नेशनल वॉइस के साथ भी काम करने का मौका मिला. दो न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल की तरफ में रुख किया. 2018 में पहली बार हैदराबाद में ईटीवी भारत की डिजिटल विंग टीम से जुड़ा. यहां साढ़े 3 साल का समय बिताने के बाद 2021 में दैनिक भास्कर (लखनऊ) की टीम से जुड़ा. अब यह सफर 2022 से टीवी9 भारतवर्ष के साथ चल रहा है. पत्रकारिता का मैंने ककहरा दैनिक जागरण इंस्टीट्यूट से सीखा. यहीं से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

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