151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी : विधायक भावना बोहरा समेत 600 कांवड़ियों ने भोरमदेव में किया जलाभिषेक - Haribhoomi
अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किमी की कांवड़ यात्रा पूरी हुई। विधायक भावना बोहरा समेत 600 कांवड़ियों ने मां नर्मदा के जल से भगवान भोरमदेव का जलाभिषेक किया।
विधायक भावना बोहरा ने कांवड़ियों के साथ किया जलाभिषेक
- Published: 16 Aug 2026, 06:08 PM IST
- Last Updated: 16 Aug 2026, 07:06 PM IST
महेश मिश्रा- कवर्धा। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में अमरकंटक से भोरमदेव तक निकली 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा का रविवार को भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ। मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से 10 अगस्त को शुरू हुई इस यात्रा में विधायक भावना बोहरा के साथ करीब 600 कांवड़ यात्री शामिल हुए। अंतिम पड़ाव पर कांवड़ियों ने मां नर्मदा का पवित्र जल भगवान भोरमदेव को अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
भोरमदेव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम और भारत माता की जय के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर उमड़े जनसैलाब से पूरा वातावरण शिवभक्ति और राष्ट्रप्रेम से सराबोर नजर आया।

तिरंगे के साथ 151 किमी की पदयात्रा
कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन विधायक भावना बोहरा और 600 कांवड़ियों ने बोड़ला से भोरमदेव के लिए प्रस्थान किया। पैरों में माहुर रंग, एक हाथ में तिरंगा और दूसरे हाथ में कांवड़ लिए श्रद्धालु भगवान शिव के जयघोष के साथ आगे बढ़े। अंतिम चरण में यात्रा सुकवापारा, जैताटोला रोड, खैरबना खुर्द, घोंघा और चौरा होते हुए भोरमदेव मंदिर पहुंची। इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने कठिन वनांचल मार्गों, पहाड़ी रास्तों, नदियों और तेज बारिश जैसी चुनौतियों का सामना किया। कई यात्रियों के पैरों में छाले पड़े और थकान भी हुई, लेकिन आस्था और संकल्प के आगे उनके कदम नहीं रुके। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कांवड़ियों का उत्साह लगातार बना रहा।

आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण और राष्ट्र के प्रति गौरव की अनुभूति का आध्यात्मिक संकल्प थी। उन्होंने कहा कि कांवड़ में मां नर्मदा का पावन जल लेकर भोरमदेव तक पहुंचना उनके जीवन के सबसे भावुक और अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। तिरंगा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और गौरव का प्रतीक है, जबकि भगवा ध्वज सनातन संस्कृति, त्याग और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक के बाद विधायक भावना बोहरा की ओर से कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं प्रसादी की व्यवस्था की गई। इसमें हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने भोजन एवं प्रसादी ग्रहण की। विधायक ने यात्रा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अमले और सेवा में जुटे सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से यह यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण हुई।

स्वतंत्रता दिवस पर भी जारी रहा यात्रा का संकल्प
15 अगस्त को विधायक भावना बोहरा और कांवड़ यात्रियों ने ग्राम डोंगरिया शासकीय विद्यालय में ध्वजारोहण किया और मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बोड़ला तक की यात्रा पूरी की थी। इसके बाद अंतिम दिन बोड़ला से भोरमदेव तक पदयात्रा कर भगवान भोरमदेव का जलाभिषेक किया गया। 151 किलोमीटर की इस यात्रा ने आस्था, अनुशासन, प्रकृति प्रेम, सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। भोरमदेव मंदिर में विधिवत जलाभिषेक के साथ यात्रा पूर्ण होने पर विधायक भावना बोहरा और सभी कांवड़ यात्रियों ने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ एवं कबीरधाम की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की प्रार्थना की।
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