निजी निवेश से 16 मेडिकल कॉलेजों में सुधरेगी पढ़ाई: कैबिनेट में विभिन्न विभागों के लिए 324 पदों पर भर्ती - Patna News
पटना17 मिनट पहले
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बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्राइवेट निवेश का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर चलाने समेत कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
इस बदलाव से पावापुरी, रहुई, मधेपुरा और पूर्णिया में पहले से चल रहे 4 मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन में सुधार होगा। वहीं समस्तीपुर, सारण, भोजपुर, बक्सर, मधुबनी, वैशाली, सिवान, बेगूसराय, सीतामढ़ी, जमुई, मुंगेर और सुपौल जैसे 12 जिलों में बने नए इंफ्रास्ट्रक्चर में जल्द पढ़ाई और इलाज की आधुनिक सुविधाएं शुरू होंगी। पीपीपी की शर्तें तय करने के लिए ‘प्राइस वाटरहाउस कूपर्स’ को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त कर 8.27 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना, 19 एससी-एसटी कोर्टों में 324 नए पदों के सृजन और अमृत 2.0 के तहत मुंगेर-जमालपुर जलापूर्ति परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
राज्य के एथलीटों को अब गंभीर चोटों के इलाज और उच्च स्तरीय ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कैबिनेट ने राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी है, जहां खिलाड़ियों को वैज्ञानिक व मनोवैज्ञानिक सहायता, पोषण, प्रदर्शन विश्लेषण और इंजुरी के इलाज के लिए विशेष पुनर्वास की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इससे युवाओं को आधुनिक चिकित्सीय आधार मिलेगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
पांडुलिपि-तिरंगा अभियान: पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण व संरक्षण के लिए ₹6.23 करोड़ और ‘हर घर तिरंगा 2026’ के लिए ₹6.12 करोड़ की मंजूरी। {सुरक्षा: समाज कल्याण निदेशालय में 330 होमगार्ड तैनात होंगे। {मुफ्त जमीन: रजौली में बीआईएसएफ को 43.98 एकड़ और पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय को 5 एकड़।
| विभाग | पद |
| एससी/एसटी विशेष कोर्ट | 171 |
| एमएसएमई निदेशालय | 106 |
| एनडीपीएस विशेष कोर्ट | 27 |
| पुरातात्विक निदेशालय | 12 |
| बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विवि | 6 |
| राजकीय आयुर्वेद कॉलेज | 2 |
| कुल पद | 324 |
इन फैसलों का आप पर क्या होगा असर?
- जल्द न्याय: 19 नए विशेष न्यायालयों के खुलने से अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा।
- रोजगार: 300 से अधिक सरकारी पदों पर बहाली और सुरक्षा कार्यों में 330 होमगार्ड की तैनाती से राज्य के युवाओं को नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।
- स्वास्थ्य सुधार: मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर ले जाने और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति से अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं की उम्मीद है।
- पर्यटन: हेली-टूरिज्म शुरू होने से बिहार के ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।
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