झुंझुनूं में बहुजन एकता सम्मेलन 18 जुलाई को: गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे, 'एक मंच, एक आवाज' का नारा दिया - Jhunjhunu News
झुंझुनूं में आगामी 18 जुलाई को होने जा रहे 'विशाल बहुजन एकता सम्मेलन' को लेकर अंबेडकर भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों प्रेस वार्ता की गई।
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जिसमें रूपरेखा और इसके उद्देश्यों के बारे में बताया गया। यह सम्मेलन सामाजिक न्याय, संविधान की सुरक्षा और बहुजन समाज के हक-अधिकारों को केंद्र में रखकर आयोजित की गई।
SC,ST,OBC और अल्पसंख्यक को मंच प्रदान करना
कार्यक्रम के संयोजकों ने बताया- यह सम्मेलन जिले के ग्राम जय पहाड़ी स्थित दरगाह व बुद्ध विहार के समीप सुबह 10 बजे से शुरू होगा। आयोजकों के अनुसार इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों को एक साझा मंच प्रदान करना है। इसका लक्ष्य इन वर्गों को सामाजिक न्याय, संविधान सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, किसान-मजदूरों की समस्याओं और महिला सशक्तिकरण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर एकजुट करना है।
कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक विकास आल्हा, महेंद्र चारणवास, मास्टर यूनुस भाटी, रामानंद आर्य, मनीराम देवरोड़ और मुस्लिम न्याय मंच के अध्यक्ष इमरान बडगुजर समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संयोजकों ने समाज से बिखराव छोड़कर एकता का मार्ग चुनने और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की।
25 सूत्रीय मांग पत्र जारी
सम्मेलन के दौरान देश और स्थानीय स्तर के ज्वलंत मुद्दों पर आधारित एक विस्तृत 25 सूत्रीय मांग पत्र जारी किया गया। पेपर लीक पर कड़ा रुख और NTA का विरोध विवादित एनटीए (NTA) को समाप्त करने की पुरजोर वकालत की।
न्यायपालिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने और संविधान के अनुच्छेद 312 (3) के तहत इंडियन ज्यूडिशियल सर्विस (IJS) गठित करने की मांग की गई है। संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखने और शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के निजीकरण के दौर में आबादी के अनुपात में आरक्षण लागू करने की मांग की गई है।
किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, तकनीकी व मेडिकल शिक्षा में 'जीरो फीस' प्रणाली लागू करने और पुनः मत-पत्रों (Ballot Paper) से चुनाव प्रक्रिया बहाल करने की मांग शामिल है।
प्रत्येक गांव जनसंपर्क अभियान जारी
आयोजक विकास आल्हा ने जानकारी दी कि सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले के प्रत्येक गांव और कस्बे में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। 'एक मंच, एक आवाज-बहुजन समाज' के संकल्प के साथ इस आयोजन में हजारों की संख्या में युवाओं, बुद्धिजीवियों और मेहनतकश वर्ग के जुटने की उम्मीद है।