विशाखापत्तनम में 19-21 अगस्त को RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, 'Gen Z' से जुड़ाव पर खास फोकस
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विशाखापत्तनम में 19-21 अगस्त को RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, 'Gen Z' से जुड़ाव पर खास फोकस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 19 से 21 अगस्त तक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगी। बैठक में संघ से प्रेरित 32 समविचारी संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सभी सह सरकार्यवाह सहित संघ के शीर्ष पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे।
बैठक में शामिल होने के लिए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के विशाखापत्तनम पहुंचने का सिलसिला सोमवार से शुरू होगा। बैठक से पहले संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की छोटी टोली यानी कोर ग्रुप की बैठक होगी। इस बैठक में 19 अगस्त से शुरू होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक के एजेंडे और विभिन्न सत्रों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
संगठन विस्तार और संगठन मंत्रियों की नियुक्ति पर चर्चा संभव
सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में लंबे समय से लंबित संगठन मंत्रियों की नियुक्तियों के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा संभव है। इस विषय पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ विचार-विमर्श कर संघ की ओर से आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। इसके अलावा संगठन के विस्तार, जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण और विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर भी मंथन होगा।
32 समविचारी संगठनों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक का एक बड़ा फोकस संघ परिवार से जुड़े विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्यप्रणाली विकसित करने पर रहेगा। अलग-अलग संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाने और साझा कार्यक्रमों को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।जनसंख्या असंतुलन, नशा मुक्ति, युवा जागरण और संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान जैसे विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।
Gen Z को जोड़ने की रणनीति पर विशेष मंथन
सूत्रों के मुताबिक, इस बार नई पीढ़ी खासकर Gen Z के साथ संवाद और जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। युवाओं तक संघ परिवार की पहुंच बढ़ाने और उन्हें सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए नई रणनीति पर चर्चा संभव है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवा वर्ग तक प्रभावी पहुंच बनाने के साथ-साथ अलग-अलग समविचारी संगठनों की ओर से संयुक्त युवा अभियानों की रणनीति भी तैयार की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP को Gen Z से जुड़े मुद्दों पर अधिक मुखर भूमिका निभाने और युवाओं के बीच इन मुद्दों को उठाने की अलग जिम्मेदारी दिए जाने पर भी चर्चा संभव है। झारखंड के रांची में हाल के कार्यक्रमों को इस दिशा में एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। संघ से जुड़े अनुषांगिक संगठनों को देशभर में अलग-अलग राज्यों में Gen Z को जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी है।
सिख संगठनों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर
बैठक में सिख समाज और सिख संगठनों के साथ बेहतर समन्वय का मुद्दा भी उठ सकता है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के प्रस्तावित कनाडा दौरे के मद्देनजर सिख संगतों के साथ संवाद और संबंधों को और मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा संभव है।
अयोध्या प्रकरण और संघ परिवार को लेकर बने विमर्श पर भी चर्चा की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में चढ़ावे की चोरी के आरोपों को लेकर बने माहौल और चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत संघ परिवार से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लेकर सार्वजनिक विमर्श पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।चंदा और मंदिर से जुड़े विवादों के बाद संघ परिवार को लेकर बने नकारात्मक नैरेटिव की काट और संघ के सामाजिक कार्यों को लेकर सकारात्मक विमर्श को मजबूत करने की रणनीति पर भी विचार संभव है। कुल मिलाकर, विशाखापत्तनम की यह तीन दिवसीय बैठक संघ और उससे जुड़े संगठनों के बीच समन्वय मजबूत करने के साथ-साथ संगठन विस्तार, युवा वर्ग विशेषकर Gen Z तक पहुंच, सामाजिक अभियानों और आगामी समय की संगठनात्मक रणनीति तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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हिमांशु तिवारीauthor
हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।
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