पालघर बाढ़ राहत में तेजी: 19 हजार से ज्यादा घरों के पंचनामे पूरे, पीड़ितों को मिलने लगी आर्थिक सहायता| Navbharat Live

Updated On: Jul 26, 2026 | 04:12 PM IST

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सार

Palghar Flood Relief: पालघर जिले में बाढ़ से हुए नुकसान के पंचनामे पूरे। जिला प्रशासन ने पात्र पीड़ितों और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि बांटने की प्रक्रिया तेज की।

Palghar district administration completed panchnamas for flood damage, accelerating financial aid distribution to victims and families of deceased.

जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ पंचनामे पूरे ,(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया

विस्तार

Palghar Flood Relief Panchnama Dr Indu Rani Jakhar: जुलाई के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश के कारण पालघर जिले में व्यापक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस आपदा में घरों, खेती, पशुधन और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। अब पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन तथा जिलाधिकारी डॉ। इंदू रानी जाखड़ के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने पंचनामे की प्रक्रिया पूरी कर पात्र बाढ़ पीड़ितों को सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई है।

बाढ़ का पानी उतरते ही राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि, पशुपालन, सार्वजनिक निर्माण, महावितरण तथा अन्य विभागों ने आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर पंचनामे पूरे किए। जिन लाभार्थियों के पंचनामे पूरे हो चुके हैं, उन्हें शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, आवश्यक निधि उपलब्ध होने के कारण राहत वितरण का कार्य तेजी से जारी है।

अतिवृष्टि के कारण जिले में 20 लोगों की मृत्यु हुई। इनमें से 13 मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और 12 मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। इनमें से 8 परिवारों को कुल 32 लाख रुपये की सहायता वितरित की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र परिवारों को भी जल्द सहायता प्रदान की जाएगी। मकानों के नुकसान की बात करें तो 44 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए, 421 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, 126 कच्चे मकानों, 10 झोपड़ियों और 3 पशुशालाओं को नुकसान पहुंचा।

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जिला प्रशासन ने किए पंचनामें पूरे

वहीं पशुधन में 7 बड़े दुधारू पशु, 23 छोटे दुधारू पशु और 6 कामकाजी पशुओं के नुकसान का आकलन किया गया है। सभी पात्र लाभार्थियों को शासन के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। बाढ़ के कारण जिन 19 हजार 26 घरों में पानी घुसा था, उनके पंचनामे पूरे कर लिए गए हैं और उन्हें भी आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

मकानों के नुकसान का मुआवजा शुरू

भारी बारिश से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिषद, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नगर विकास विभाग तथा ऊर्जा विभाग द्वारा नुकसान का आकलन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

पालघर जिल्ह्यात अतिवृष्टीमुळे नागरिकांचे नुकसान व्यापारी वर्गासाठी विमा संरक्षणाची गरज — पालकमंत्री गणेश नाईक@collectorpal @MahaDGIPR pic.twitter.com/CkC6cgX5M3 — DISTRICT INFORMATION OFFICE, PALGHAR (@InfoPalghar) July 25, 2026

एक्शन मोड में प्रशासन

जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ लगातार उपविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठकें कर राहत वितरण की प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि, प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी सहायता पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस बीच, 23 जुलाई को हुई नई भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में भी पंचनामे शुरू कर दिए गए है। प्रशासन ने बताया कि जैसे ही पानी पूरी तरह उतर जाएगा, शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी तत्काल पंचनामे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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बीमा सुरक्षा जरूरीः गणेश नाईक

पालघर जिले में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश से आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में व्यापारियों के लिए अपने व्यवसाय और संपत्ति का बीमा कराना समय की आवश्यकता है। यह बात पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने दहानू स्थित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में कही।

दहानू स्थित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में आयोजित इस पत्रकार परिषद में सांसद डॉ। हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, जिलाधिकारी डॉ। इंदू रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, सहायक जिलाधिकारी एवं दहानू परियोजना अधिकारी विशाल खत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान पालकमंत्री गणेश नाईक ने बताया कि, इस वर्ष मानसून के दौरान पालघर जिला सबसे अधिक समय तक रेड अलर्ट पर रहा, लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने और अनेक परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ दिन पहले कर्जमाफी और बिजली बिल में राहत को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन उसके बाद हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक बार फिर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया गया।

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