पानीपत कोर्ट ने कानूनगो के खिलाफ किया केस दर्ज: आदेशों की अवहेलना पर एक्शन, 19 अगस्त को अगली सुनवाई; SP को दिए निर्देश - Panipat News
पानीपत3 घंटे पहले
कॉपी लिंक
पानीपत कोर्ट ने खुद ही शिकायत देकर मामला दर्ज किया है।
पानीपत कोर्ट ने एक न्यायिक प्रक्रिया के तहत गवालड़ा के हलका कानूनगो कुलविंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने संबंधित लोकसेवक को अपना पक्ष रखने के लिए 19 अगस्त की तिथि निर्धारित की है और नोटिस जारी किया है।
यह पूरा मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की कोर्ट से न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की कोर्ट में सुपुर्दगी के माध्यम से पहुंचा था। शिकायत का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 215 के अंतर्गत धारा 210 BNS के तहत अपराध के लिए केस दर्ज करने का आदेश दिया।
चूंकि यह शिकायत स्वयं कोर्ट द्वारा ही पेश की गई है, इसलिए BNSS की धारा 223 के तहत इसमें शुरुआती गवाही या प्रारंभिक साक्ष्यों को दर्ज करने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।
कोर्ट ने एसपी को निर्देश दिए है कि सभी तथ्यों के साथ रिपोर्ट पेश की जाए।
लोकसेवक को सुनवाई का मौका और SP से रिपोर्ट तलब
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 (2) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी लोकसेवक के खिलाफ कोई में कोई शिकायत आती है, तो उस पर अंतिम संज्ञान लेने से पहले संबंधित कर्मचारी या अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य है। इसके साथ ही, उसके प्रशासनिक प्रमुख अधिकारी से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगाना भी आवश्यक है।
कोर्ट ने ये आदेश दिए
कानूनगो को नोटिस: कोर्ट ने ग्राम व पोस्ट ऑफिस गवालड़ा (तहसील इसराना) में कार्यरत हलका कानूनगो कुलविंदर सिंह को नोटिस भेजकर 19 अगस्त को कोर्ट के समक्ष सुनवाई का अवसर प्रदान किया है।
SP को निर्देश: कोर्ट ने अपने आदेश और शिकायत की प्रति SP को प्रेषित की है। एसपी पानीपत को निर्देशित किया गया है कि वे BNSS की धारा 223 के नियमों का पालन करते हुए घटना से संबंधित सभी तथ्यों और परिस्थितियों की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।
मामले की अगली रूपरेखा
कोर्ट के इस आदेश के बाद अब 19 अगस्त 2026 की तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दिन जहां एक तरफ हलका कानूनगो को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ SP द्वारा सौंपी जाने वाली तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे संज्ञान लेकर किस तरह की दंडात्मक या न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
.
खबरें और भी हैं...
पानीपत में सौतेले पिता ने बच्ची से किया रेप: 2 साल पहले मां ने पहले पति को छोड़ किया दूसरा निकाह; वीडियो से खुलासा
कॉपी लिंक
शेयर
पानीपत में कार से 2 मोबाइल चोरी: लालबत्ती चौक पर लगा जाम; वाहनों के रूकने पर की वारदात
कॉपी लिंक
शेयर
डेढ साल की बच्ची कमा रही 50 हजार रुपए महीना: फैमिली आईडी में अफसरों ने दिखाई आय, पानीपत डीसी से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
कॉपी लिंक
शेयर
36 साल पहले मर चुके व्यक्ति के बयान दर्ज: अडाणी जमीन विवाद में पानीपत पुलिस पर आरोप; हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को मांगा जवाब