राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: आज ही के दिन 1905 में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के आयोजन को लेकर कहा कि 1905 में आज ही के दिन देश में स्वदेशी आंदोलन का शुभारंभ हुआ था. देश ने स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहला कदम रखा था. वर्ष 2015 में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया गया था. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश की 3 करोड़ जनता और बुनकर समाज की ओर से धन्यवाद देता हूं.
हथकरघा देश की सभ्यता और संस्कृति से जुड़ा हुआ है. यह ऐसी विधा है, जिसमें हमारे कारीगरों के उत्पाद के साथ-साथ उनके कौशल का भी प्रदर्शन होता है. जांजगीर के कोसा वस्त्र की अपनी अलग पहचान है. कोसा साड़ी की फैब्रिक क्वालिटी की देश और दुनिया में धूम है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. देश के पांच एयरपोर्ट में हस्तशिल्प के शोरूम बनाए जाएंगे. इससे छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का देशभर में विस्तार होगा और उनकी मार्केटिंग भी बढ़ेगी.
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मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बुनकर समाज के कर्ज माफ किए और समाज को अच्छा अवसर प्रदान किया. वर्तमान सरकार भी पिछले ढाई साल से बुनकर समाज और हथकरघा के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
469 आवासविहीन बुनकरों के आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है. 47 स्थानों पर प्रदर्शनियां लगाकर 10 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का प्रयास किया गया. साड़ी, गमछा समेत विभिन्न हथकरघा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. पिछले ढाई साल में पांच विक्रय भंडारों के माध्यम से काम किया गया है. सरकार बुनकर समाज की आर्थिक प्रगति के लिए लगातार काम कर रही है.
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नवा रायपुर में गारमेंट इकाई का भूमिपूजन किया गया है, जिससे 4500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. इसमें विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. 2001 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक का भुगतान किया गया. हाल ही में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन का विस्तार किया जा रहा है. यहां बच्चों को डिजाइन सिखाए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी को आधुनिक डिजाइन और तकनीक से जोड़ा जा सके.
सरकार पिछले ढाई साल से बुनकर समाज की आर्थिक प्रगति के लिए लगातार काम कर रही है. समाज की ओर से जो भी सुझाव आएंगे, उन्हें ध्यान में रखते हुए बुनकर समाज की प्रगति के लिए आगे भी काम किया जाएगा.
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