बेंगलुरु में 'ऑपरेशन मुक्ता' से हड़कंप, 1909 संदिग्ध हिरासत में, 15 बांग्लादेशी नागरिक निकले

बेंगलुरु में 'ऑपरेशन मुक्ता' से हड़कंप, 1909 संदिग्ध हिरासत में, 15 बांग्लादेशी नागरिक निकले

बेंगलुरु में अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई

देश में अवैध रूप से रह लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए शनिवार तड़के बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सिटी उप-मंडल के 29 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान कुल 1,909 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें से 15 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई है.

दरअसल बेंगलुरु शहर पुलिस ने शनिवार को शहर भर में रहने वाले संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए ‘ऑपरेशन मुक्ता’ (Operation Mukta) नामक एक विशेष अभियान शुरू किया गया.पुलिस के मुताबिक यह अभियान शनिवार सुबह करीब 4 बजे शुरू किया गया.

1,909 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया

इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पुलिस उपायुक्त एम. नारायण के नेतृत्व में 23 विशेष टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कार्रवाई की. अभियान में करीब 295 पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल रहे. इस दौरान 1,909 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया. दस्तावेजों की जांच के बाद इनमें से 15 लोग बांग्लादेशी नागरिक पाए गए. टीमों ने व्हाइटफील्ड, वर्थुर, कडुगोडी, बालागेरे रोड, बेलंदूर, मराठाहल्ली और महादेवपुरा में एक साथ जांच की. पुलिस ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पहचान पत्र, पासपोर्ट, वीजा और अन्य रिकॉर्ड की जांच की.

15 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान

पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में 15 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई. इन लोगों के पास से फर्जी आधार कार्ड मिले, जिनमें उनके मूल स्थान के तौर पर पश्चिम बंगाल और असम का पता दर्ज था.

1,894 लोगों के दस्तावेजों की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक पुष्टि किए गए 15 लोग बांग्लादेश के खुलना जिले के बागेरहाट इलाके के रहने वाले हैं. आशंका है कि उन्होंने अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया और इसके बाद बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी क्षेत्र में रह रहे थे. वहीं पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए बाकी 1,894 लोगों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है. उनके पास मौजूद वीजा, पासपोर्ट और नागरिकता से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है.

कानून हाथ में लेने वालों को पुलिस की चेतावनी

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस उपायुक्त एम. नारायण ने उन संगठनों और लोगों को भी चेतावनी दी जो बांग्लादेशी नागरिकों के ठिकानों पर छापेमारी करते हैं, उन्हें डरा धमकाकर कथित तौर पर पैसे वसूल कर रहे हैं. डीसीपी ने कहा ‘अगर आपको किसी के बांग्लादेशी नागरिक होने का संदेह हो, तो कृपया पुलिस को सूचित करें. कानून को अपने हाथ में न लें’. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कथित मोरल पुलिसिंग में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है.

‘पहचान पत्रों की जांच के बाद दें घर’

वहीं मकान मालिकों को किरायेदारों के पहचान पत्रों की जांच किए बिना परिसर किराए पर देने के खिलाफ चेतावनी भी दी गई है. पुलिस का कहना है कि कि जो मालिक अवैध अप्रवासियों को उनके दस्तावेजों की जांच किए बिना घर या आवास उपलब्ध कराते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने क्या कहा

इधर राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगेने कहा कि कर्नाटक सरकार अवैध प्रवासियों की लगातार तलाश कर रही है, चाहे वो किसी भी देश के मूल निवासी हों. उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में लगभग 1,000 ऐसे प्रवासियों का पता लगा चुकी है. उन्होंने कहा ‘अवैध अप्रवासी बांग्लादेश, अफ्रीका या किसी अन्य देश से हो सकते हैं. हम तलाशी अभियान चला रहे हैं. इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा’.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है. उन्होंने कहा कि यह एक सप्ताह का अभियान नहीं हो सकता जिसे रोक दिया जाए. यह एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए. उन्होंने कहा यदि जरूरी हुआ, तो हम स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक विशेष दल का गठन करेंगे.

जूही उरूषा खान

जूही उरूषा खान

जूही उरूषा खान पिछले 12 साल से पत्रकारिता से जुड़ी हुई हैं. भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से फिल्म जर्नलिज्म की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली आकर BAG में एंटरटेनमेंट बीट पर इंटर्नशिप की. बाद में CNEB न्यूज चैनल में एंटरटेनमेंट बीट में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया, साथ ही प्रोग्रामिंग को भी देखा.<p></p>CNEB के बाद VOICE OF INDIA में  एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर काम करना शुरू किया. यहां से फिर जनसंदेश न्यूज चैनल के साथ जुड़ीं और प्रोग्रामिंग में काम किया. इसके बाद 4 REAL NEWS चैनल में करीब चार साल न्यूज के साथ ही प्रोग्रामिंग और धार्मिक शोज पर काम किया.<p></p>यहां से राज्यसभा टीवी का रुख किया और प्रोग्रामिंग में काम किया. इसके साथ ही एंकरिंग करना भी शुरू की. इसके बाद सूर्या समाचार में प्रोग्रामिंग में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर प्रोड्यूसर काम किया.<p></p>जी बिहार झारखंड में भी काम करने का अनुभव है. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ी हुई हैं.

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