1949 नौकरियां, बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी में मौका, कैसे मिलेगी जॉब; जानिए पूरी डिटेल
Sep 05, 2026 05:41 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी BGSSL ने 18 पदों पर 1949 वैकेंसी निकाली है। आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

नौकरी
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे नौजवानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। बड़ौदा ग्लोबल शेयर्ड सर्विसेज लिमिटेड यानी BGSSL, बैंक ऑफ बड़ौदा की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी ने साल 2026 की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक का ऐलान किया है। इस बार कुल 18 अलग-अलग पदों पर करीब 1,949 वैकेंसी निकाली गई हैं, और सबसे अहम बात यह है कि इसमें फ्रेशर्स से लेकर अनुभवी उम्मीदवारों तक, सबके लिए कोई न कोई मौका जरूर मौजूद है।
किन-किन पदों पर होगी भर्ती
BGSSL की इस भर्ती का दायरा वाकई बहुत बड़ा है। कलेक्शन, डिजिटल बैंकिंग, ग्लोबल ट्रेड सर्विसेज, अकाउंट मैनेजमेंट, एचआर और एडमिनिस्ट्रेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, फील्ड कलेक्शन, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और आधार ऑपरेशंस जैसे विभागों में पद भरे जाएंगे। इनमें अप्रेंटिस (टेली कॉलिंग) के लिए 150 पद, टेली-कलेक्शन एजेंट के लिए 100 पद, फील्ड कलेक्शन ऑफिसर के लिए 400 पद, डिजिटल ऑनबोर्डिंग स्पेशलिस्ट के लिए 400 पद, सेल्स ऑफिसर/एएसएम/आरएसएम के लिए 350 पद और आधार ऑपरेटर के लिए भी 400 पद शामिल हैं। इसके अलावा एग्जीक्यूटिव, प्रोक्योरमेंट मैनेजर, एमआईएस एनालिस्ट, डेस्कटॉप सपोर्ट एनालिस्ट और डिप्टी मैनेजर जैसे पदों पर भी भर्तियां होनी हैं।
कहां-कहां मिलेगी नौकरी
इन पदों के लिए तैनाती गिफ्ट सिटी-गांधीनगर, वडोदरा, बेंगलुरु, जोगेश्वरी-मुंबई और पूरे देश यानी पैन इंडिया स्तर पर की जाएगी। मतलब यह कि उम्मीदवारों के पास अपनी सुविधा के मुताबिक जगह चुनने की भी काफी गुंजाइश रहेगी। खासकर फील्ड कलेक्शन ऑफिसर, डिजिटल ऑनबोर्डिंग स्पेशलिस्ट, सेल्स ऑफिसर और आधार ऑपरेटर जैसे पद पूरे भारत में उपलब्ध हैं, यानी छोटे शहरों और कस्बों के उम्मीदवार भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है, और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है। इच्छुक उम्मीदवार BGSSL की करियर वेबसाइट यानी www.bgss.in/careers पर जाकर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जो लोग ईमेल के जरिए आवेदन करना चाहते हैं, वे अपना रिज्यूमे [email protected] पर भेज सकते हैं, बस इस बात का ध्यान रखें कि मेल में उस पद का साफ-साफ जिक्र हो जिसके लिए आवेदन किया जा रहा है।
किसे मिलेगी योग्यता में छूट
इस भर्ती में एक अच्छी बात यह भी है कि अग्निवीरों के साथ-साथ करियर ब्रेक के बाद वापस नौकरी शुरू करने वाली महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते वे तय पात्रता की शर्तें पूरी करती हों। योग्यता की बात करें तो यह पद-दर-पद अलग-अलग है। जैसे फील्ड कलेक्शन ऑफिसर और डिजिटल ऑनबोर्डिंग जैसे पदों के लिए न्यूनतम 12वीं पास होना ही काफी है, वहीं प्रोक्योरमेंट मैनेजर और डेस्कटॉप सपोर्ट एनालिस्ट जैसे पदों के लिए ग्रेजुएशन के साथ-साथ खास अनुभव और सर्टिफिकेशन भी मांगे गए हैं। आधार ऑपरेटर पद के लिए एक्टिव NSEIT सर्टिफिकेट होना अनिवार्य शर्त रखी गई है।
ध्यान देने वाली बातें
उम्मीदवारों को यह समझ लेना जरूरी है कि BGSSL, बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी जरूर है लेकिन यह सीधे तौर पर सरकारी बैंक की नौकरी नहीं है। इसके बावजूद कई पद जैसे फील्ड कलेक्शन, CASA स्क्रूटिनी और ट्रेड ऑपरेशंस सीधे बैंक ऑफ बड़ौदा के कामकाज से ही जुड़े हुए हैं। कंपनी ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर बदलाव, रद्दीकरण या संशोधन का अधिकार उसके पास सुरक्षित है, और ऐसा कोई भी बदलाव सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट www.bgss.in पर ही सूचित किया जाएगा। इसलिए सलाह यही है कि अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लें, और समय-समय पर करियर पेज चेक करते रहें ताकि कोई अपडेट छूट न जाए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwari
शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव