सीवान में 198 डिजिटल उपकरण हुए ठीक: गर्भवती महिलाओं की जांच होगी अब और बेहतर - Siwan News

सीवान जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से 16 और 17 जुलाई 2026 को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर एवं ग्लूकोमीटर की मरम्मत, कैलिब्रेशन, सर्विसिंग तथा आवश्यकतानुसार रिप्लेसमेंट के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय तकनीकी शिविर का आयोजन किय

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शिविर का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपयोग में आने वाले उपकरणों को पुनः कार्यशील बनाकर गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था को मजबूत करना था।

रिप्लेसमेंट का कार्य किया गया

यह शिविर सिविल सर्जन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर से पहले जिले के सभी 19 प्रखंडों को पत्र भेजकर खराब एवं त्रुटिपूर्ण डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर और ग्लूकोमीटर निर्धारित तिथि पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

सभी प्रखंडों से प्राप्त उपकरणों की तकनीकी जांच, सर्विसिंग, कैलिब्रेशन और आवश्यकता के अनुसार रिप्लेसमेंट का कार्य किया गया।

सफलतापूर्वक सर्विसिंग और मरम्मत

शिविर के दौरान एजेंसी के तकनीकी प्रतिनिधि सोनू कुमार ने सभी उपकरणों की विस्तृत तकनीकी जांच कर उन्हें पुनः उपयोग योग्य बनाया। दो दिवसीय अभियान में करीब 198 डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर एवं ग्लूकोमीटर की सफलतापूर्वक सर्विसिंग और मरम्मत की गई।

इससे बड़ी संख्या में खराब पड़े उपकरण फिर से कार्यशील हो गए, जिन्हें संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सक्रिय सहयोग

शिविर के सफल आयोजन और समन्वय में पिरामल स्वास्थ्य, सीवान की टीम ने जिला स्वास्थ्य समिति के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने सभी प्रखंडों से उपकरणों का संकलन, तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय तथा पूरे आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सक्रिय सहयोग दिया।

जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य वीएचएसएनडी सत्रों के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यशील डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर एवं ग्लूकोमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इससे प्रत्येक गांव में आयोजित वीएचएसएनडी सत्रों में आने वाली गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन और रक्त शर्करा की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण जांच संभव हो सकेगी।

रेफरल सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कार्यशील उपकरणों की उपलब्धता से गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की शीघ्र पहचान, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का समय पर पता लगाने, आवश्यक उपचार और रेफरल सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह पहल गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच को सुदृढ़ करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।