जेब में संविधान रखने वाले राहुल बताएं कि मां का नाम 1980 के वोटर लिस्ट में कैसे आया – भाजपा

National News: वरिष्ठ  कांग्रेसी नेता  सोनिया गांधी के पुराने वोटर लिस्ट मामले पर राहुल गांधी से  भाजपा ने जवाब मांगा है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाते हुए कहा है कि साल 1980 के वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम दर्ज था, लेकिन उस दौरान उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी. इसे लेकर प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से सवाल किया है कि उनकी मां का नाम उस दौरान के वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ. प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे अपनी जेब में संविधान की कॉपी लेकर चलते हैं तो क्या इस मामले में कोआई जवाब नहीं देंगे. पूछा कि क्या राहुल बतायेंगे कि उनकी सरकार के वक्त लोकतंत्र में ऐसी चोरी कैसे हुई,


हालांकि सोनिया गांधी की नागरिकता का मामला दिल्ली की अदालत में फिर से आया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष कोर्ट ने पुराने आदेश को रद्द कर इसके नये सिरे से जांच का आदेश दिया है. कोर्ट ने 21 सितंबर को पुरा उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सोनिया गांधी पर एफआईआर की मांग वाली याचिका को खारिज किया था.   

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 प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी 1980 में भारत की नागरिक नहीं थी. जिसे लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागकित थी ही नहीं तो उन्होंने वोट कैसे दिया और उन्हें इसकी अनुमति कैसे मिली.


प्रदाप भंडारी ने इससे आगे कहा कि क्या सोनिया गांधी के नाम को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया. साथ ही कहा कि उस दौरान तो कांग्रेस की ही सरकार थी. कहा कि वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम शामिल करने के लिए नियमों का पालन हुआ या नहीं इसकी जांच सबसे पहले होनी चाहिए.  

यहां बता दें कि यह पूरा मामला एक शिकायत से जुड़ा है, इस मामले में विकास त्रिपाठी नाम के वकील ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोचर लिस्ट में शामिल था. मगर उन्हें नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली थी.


साथ ही आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में वोटर लिस्ट में डालकर उसे 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से उनका नाम जोड़ा गया. इसी को आधार बनाकतर शिकायतकर्ता ने जांच की मांग की है.

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