अबुआ आवास :आवंटन की कमी 19992 लाभुकों की किस्त अटकी - Giridih News

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आवंटन के अभाव में जिले में अबुआ आवास योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 को मिलाकर स्वीकृत कुल 52,607 आवासों में से 19,992 लाभुकों को अब तक पहली किस्त का भुगतान नहीं हो सका है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद खाते में राशि न आने से हजारों ग्रामीण परिवारों के पक्के मकान का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। योजना के तहत प्रत्येक आवास के लिए 2 लाख रुपए की राशि निर्धारित है।

विभाग के सामने दोहरी मुश्किल खड़ी है। एक तरफ पहली किस्त से वंचित लाभुकों के घरों का काम शुरू कराना है, तो दूसरी तरफ अगली किस्तें न मिलने से अटके पड़े मकानों को पूरा कराना है। विभागीय जानकारों के अनुसार आवंटन मिलने पर पहले से निर्माणाधीन आवासों की अगली किस्तों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर हो सकता है। ऐसे में पहली किस्त के इंतजार में बैठे लाभुकों का काम और लटकने की आशंका बनी हुई है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 13 प्रखंडों में 38,530 आवासों का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध 35,737 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें से अब तक मात्र 16,735 लाभुकों को ही पहली किस्त मिल सकी है, जबकि 19,002 लाभुक पहली किस्त की बाट जोह रहे हैं। पहली किस्त पाने वालों में से 15,963 का प्लिंथ जियो टैग दर्ज हुआ। दूसरी किस्त 14,858 लाभुकों को मिली और 12,581 का लिंटल जियो टैग हुआ। तीसरी किस्त 9,103 लाभुकों को जारी की गई, जबकि चौथी किस्त का भुगतान मात्र 529 लोगों को हुआ है। अब तक केवल 5,512 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। इस तरह तीसरी किस्त पाने वालों और पूर्ण आवासों के बीच 3,591 का फासला है, जबकि 11,223 स्वीकृत आवास अधूरे पड़े हैं।

2023-24: 990 आवासों को पहली किस्त नहीं वित्तीय वर्ष 2023-24 में 13 प्रखंडों के लिए निर्धारित 17,860 के लक्ष्य में से 16,870 लाभुकों को पहली किस्त दी गई, जबकि 990 लाभुकों को अब तक पहली किस्त नसीब नहीं हुई। इस वर्ष में दूसरी किस्त 16,364 और तीसरी किस्त 14,743 लाभुकों को मिली। कुल 12,148 आवास पूर्ण दर्ज हुए हैं। तीसरी किस्त पाने वालों और पूर्ण आवासों के बीच 2,595 का अंतर है, जबकि कुल 4,722 आवास अधूरे पड़े हैं।

राज्य सरकार से आवंटन प्राप्त नहीं हुआ : डीडीसी डीडीसी स्मृता कुमारी ने कहा कि अब तक राज्य सरकार से अबुआ आवास योजना के लिए आवंटन नहीं मिला है। आवंटन मिलते ही लाभुकों को किस्तों का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद आवास निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।