बलरामपुर में आधार सुविधा का दावा बेअसर: यूआरसी के लिए आईं 2 मशीनें 2 साल से BSA कार्यालय में बंद - Balrampur News

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सुजीत कुमार | बलरामपुर29 मिनट पहले

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बलरामपुर में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों और उनके अभिभावकों को आधार बनवाने और संशोधन की सुविधा देने का बेसिक शिक्षा विभाग का दावा जमीनी स्तर पर बेअसर साबित हो रहा है। नगर संसाधन केंद्र (यूआरसी) के लिए आवंटित दो आधार मशीनें पिछले करीब दो साल से बीएसए कार्यालय में धूल फांक रही हैं। मशीनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद यूआरसी पर आधार की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है।

आधार की जरूरत वाले परिषदीय विद्यालयों के बच्चों और उनके अभिभावकों को आधार पंजीकरण या संशोधन के लिए बैंकों और डाकघरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है।

विभाग की ओर से लगातार आधार पंजीकरण और संशोधन का काम पूरा कराने के निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन जिन यूआरसी पर यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, वहां मशीनें ही नहीं पहुंचाई गई हैं।

यूआरसी के लिए आवंटित दोनों मशीनें BSA कार्यालय में

जिले के नौ विकासखंडों के साथ बलरामपुर और उतरौला नगर क्षेत्र में आधार सुविधा के लिए उपकरण उपलब्ध कराए जाने थे। ग्रामीण क्षेत्रों में आधार की दो-दो मशीनें संचालित होने की बात कही जा रही है। वहीं बलरामपुर नगर के यूआरसी के लिए आवंटित दोनों मशीनें अभी भी बीएसए कार्यालय में ही पड़ी हैं।

प्रशिक्षित कर्मचारियों के बावजूद नहीं शुरू हुआ काम

आधार मशीन संचालन के लिए प्राथमिक विद्यालय चिकनी के अनुचर जफरुद्दीन कुरैशी को कंप्यूटर दक्षता का प्रशिक्षण दिलाया गया था। उन्होंने दक्षता परीक्षा भी उत्तीर्ण की और उन्हें यूआरसी से संबद्ध किया गया। इसी तरह बलरामपुर देहात के उच्च प्राथमिक विद्यालय भकचहिया की अनुचर ज्योति गुप्ता को भी विशेष कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हें यूआरसी में कार्यालय सहायक की जिम्मेदारी दी गई थी।

शिक्षामित्र को जिम्मेदारी सौंपने पर उठे सवाल

प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद आधार पंजीकरण का जिम्मा प्राथमिक विद्यालय सेवा समिति के शिक्षामित्र जुहैब काजिम को सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यूआरसी के विभिन्न पटलों पर भी उनकी भूमिका पहले से प्रभावी है। विभागीय व्यवस्था में कंप्यूटर दक्ष कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद आधार का काम शिक्षामित्र को दिए जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

17 जून 2025 को जारी हुआ था पत्र

आधार संचालन को लेकर 17 जून 2025 को तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र राम कुमार ने शिक्षामित्र जुहैब काजिम और अनुचर जफरुद्दीन कुरैशी को पत्र जारी किया था। इसमें यूआरसी के लिए आवंटित दोनों आधार मशीनों के संचालन के लिए ऑपरेटर का फार्म भरने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मशीनें आज तक यूआरसी तक नहीं पहुंच सकीं।

वहीं, आरोप है कि आधार संचालन के लिए प्रशिक्षित अनुचर जफरुद्दीन कुरैशी को यूआरसी पर उनकी दक्षता का उपयोग कराने के बजाय उनके मूल विद्यालय से अलग प्राथमिक विद्यालय बलुहा से संबद्ध कर दिया गया।

मशीनें लगें तो अभिभावकों की भागदौड़ होगी कम

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के आधार में त्रुटि सुधार, नया आधार बनवाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए अभिभावकों को दूसरे केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। यदि यूआरसी में ही मशीनें स्थापित कर प्रशिक्षित कर्मचारियों से उनका संचालन कराया जाए तो अभिभावकों की परेशानी कम हो सकती है।

बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, "जांच कराकर सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। शिक्षामित्र को उनके मूल विद्यालय में शिक्षण के लिए भेजा जाएगा।"

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