छात्राओं से यौन दुर्व्यवहार में बड़ा खुलासा : 2-3 बच्चियों को अलग से बुलाता था शिक्षक, आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी - Haribhoomi

बीजापुर के एकलव्य विद्यालय में छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के मामले में शिक्षक की भूमिका जांच के घेरे में है, वहीं सर्व आदिवासी समाज ने कार्रवाई की मांग की है।

Teacher misbehaving with girl students in Eklavya school

एकलव्य स्कूल में छात्राओं से दुर्व्यवहार का आरोपी शिक्षक

  • Published: 15 Sep 2026, 03:19 PM IST
  • Last Updated: 15 Sep 2026, 03:25 PM IST

गणेश मिश्रा - बीजापुर। जिले के रूद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के मामले में संबंधित शिक्षक देवेंद्र दहिया के छात्राओं से संपर्क में आने के तरीके और उसकी नियुक्ति से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इसी बीच सर्व आदिवासी समाज ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के साथ ही विद्यालय के प्राचार्य और विशेष निगरानी समिति के सदस्यों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।

जून 2024 में हुई थी शिक्षक की नियुक्ति
जानकारी के अनुसार देवेंद्र दहिया की नियुक्ति जून 2024 में एकलव्य विद्यालय रूद्रारम में कंप्यूटर साइंस शिक्षक के रूप में हुई थी। उसकी जिम्मेदारी छात्राओं को कंप्यूटर विषय की शिक्षा देना थी। अब जांच एजेंसियां उसकी नियुक्ति से लेकर विद्यालय में रहने, छात्राओं के संपर्क में आने और अन्य संबंधित परिस्थितियों की भी जांच कर रही हैं।

पढ़ाई के नाम पर 2-3 छात्राओं को बुलाता था शिक्षक
विद्यालय के एक शिक्षक ने बताया कि देवेंद्र दहिया कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए कई बार छात्राओं को छोटे-छोटे समूह में बुलाता था। शिक्षक के मुताबिक एक समय में दो-तीन छात्राओं को कंप्यूटर सिखाने की बात सामने आई है। हालांकि, यह जानकारी फिलहाल जांच का हिस्सा है। संबंधित शिक्षक की गतिविधियों को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच, छात्राओं के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

सर्व आदिवासी समाज ने की गिरफ्तारी की मांग
मामले में अब सर्व आदिवासी समाज की भी एंट्री हो गई है। समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने आरोपी शिक्षक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य और विशेष निगरानी समिति के सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। तेलामी का दावा है कि छात्राओं और उनके परिजनों के अनुसार वर्ष 2024-25 से ही आरोपी शिक्षक द्वारा आपत्तिजनक स्पर्श किए जाने की शिकायतें विद्यालय प्रबंधन तक पहुंचती रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

प्राचार्य और निगरानी समिति की भी जांच की मांग
सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यदि शिकायतों की अनदेखी किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विद्यालय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। समाज ने छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग बंद सहित विभिन्न लोकतांत्रिक आंदोलनों और सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार पर विचार करेगा। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में संचालित आदिवासी आश्रमों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। तेलामी ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी निर्माण और सामग्री सप्लाई में व्यस्त हैं, जबकि जिम्मेदार राजनेताओं द्वारा अपने पसंदीदा लोगों को अधीक्षक बनाए जाने की कोशिश की जाती है।