डीआरसी में इबोला महामारी का प्रकोप जारी, संक्रमण के 2,500 से अधिक मामले सामने आए
डीआरसी में इबोला महामारी का प्रकोप जारी, संक्रमण के 2,500 से अधिक मामले सामने आए
डीआरसी में इबोला महामारी का प्रकोप जारी, संक्रमण के 2,500 से अधिक मामले सामने आए
IANS
23 Jul 2026
20:50 IST
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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
किंशासा, 23 जुलाई (आईएएनएस)। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,033 हो गई है, जबकि संक्रमित लोगों की कुल संख्या 2,536 पहुंच गई है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
नवीनतम स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 506 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 738 लोग अभी भी आइसोलेशन में हैं। किसी नए स्वास्थ्य क्षेत्र में संक्रमण की सूचना नहीं मिली है, इसलिए देशभर में प्रभावित क्षेत्रों की संख्या अब भी 47 है, जो पांच प्रांतों में फैले हुए हैं। इनमें से 46 क्षेत्रों में अभी भी संक्रमण फैल रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी अभी भी लगातार फैलने के चरण में है और वायरस का प्रसार काफी ज्यादा है। हाल के दिनों में सामने आए मामलों में उतार-चढ़ाव को सावधानी से समझना चाहिए, क्योंकि रिपोर्ट मिलने में देरी और आंकड़ों को धीरे-धीरे व्यवस्थित करने की प्रक्रिया इसका कारण हो सकती है।
उत्तर किवु प्रांत में इलाज की सुविधाओं पर दबाव बना हुआ है। वहां 141 बिस्तरों की क्षमता के मुकाबले 182 मरीज आइसोलेशन में रखे गए हैं।
बुधवार को पूर्वी इतुरी प्रांत की राजधानी और इस प्रकोप के केंद्र बुनिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय इबोला प्रतिक्रिया समन्वय के ऑपरेशन मैनेजर एडेलार्ड लुफोंगोला ने कहा कि कुछ इलाकों में नए मामलों की संख्या एक स्तर पर स्थिर हो गई है और इसमें थोड़ी गिरावट भी देखी जा रही है।
लुफोंगोला ने कहा, महामारी के लिहाज से अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि संक्रमण अपने चरम पर पहुंच चुका है।
यह प्रकोप बुंदिबुग्यो वायरस के कारण हुआ है और इसकी घोषणा 15 मई को डीआरसी के पूर्वी इतुरी प्रांत में की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, लोगों का लगातार आना-जाना, असुरक्षा की स्थिति, छोटे स्तर पर खनन गतिविधियां और युगांडा और दक्षिण सूडान के साथ सीमा पार आवाजाही संक्रमण फैलने के मुख्य कारण बने हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि स्थानीय नागरिक संगठनों के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच बेनी इलाके में हुए कई हमलों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। इस हिंसा के कारण कई लोग विस्थापित हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाने में भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के हवाले से बताया कि कम से कम छह मानवीय संगठनों, जिनमें इबोला प्रतिक्रिया अभियान में मदद करने वाले संगठन भी शामिल हैं, ने बेनी इलाके के कई स्थानों पर अपनी आवाजाही रोक दी है। इसकी वजह वहां बिगड़ती सुरक्षा स्थिति है।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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