जयपुर में 20 हजार की रिश्वत लेते कॉन्स्टेबल गिरफ्तार: एससी-एसटी एक्ट में फंसाने का डर दिखाकर मांग रहा था 50 हजार की घूस, एक सिपाही फरार - Jaipur News

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार शाम जयपुर में कॉन्स्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी मुहाना थाना क्षेत्र में आपातकालीन सेवा 112 ईआरवी (ERV) में तैनात है। आरोपी पर एक परिवार के खिलाफ मुकदमा द

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शिकायतकर्ता के परिवार की सब्जी की दुकान है। आरोप है कि कॉन्स्टेबल नोरत मीणा ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। साथ ही पीड़ित परिवार को लगातार धमकाने और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का भी आरोप है।

एसीबी ने बिछाया जाल, 20 हजार की घूस लेते रंगे हाथ दबोचा

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग को शिकायत मिली थी कि मुहाना थाने के कांस्टेबल नोरत मीणा और सुरेश चौधरी ने परिवादी के पड़ोसी दुकानदार की शिकायत पर उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराने का भय दिखाया। साथ ही उसकी मुहाना मंडी स्थित फल-सब्जी की दुकान से सामान नहीं उठाने और दुकान सुचारू रूप से चलने देने की एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

सत्यापन में 20 हजार रुपये लेने की हुई पुष्टि

एसीबी ने 21 जून को शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान दोनों आरोपियों द्वारा परिवादी से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमति बनने की पुष्टि हुई।

ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया कांस्टेबल

डीआईजी एसीबी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबरमल के नेतृत्व तथा पुलिस निरीक्षक बाबूलाल गुर्जर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी सुरेश चौधरी मौके से फरार हो गया।

आरोपी के घर पर सर्च, दूसरे कॉन्स्टेबल सुरेश की भूमिका भी संदिग्ध

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी कॉन्स्टेबल के घर भी पहुंची, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में एक अन्य कॉन्स्टेबल सुरेश की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमाला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।