कांकेर में नक्सल डंप से मिले 20 लाख का गबन: दो DSP पर आरोप,टोंडामरका और मरकाकोनारी में हुई थी बरामदगी, पुलिस ने शुरू की छानबीन - Kanker News
नक्सल डंप बरामदगी से जुड़े मामले में कांकेर में तत्कालीन पदस्थ रहे दो DSP पर 20 लाख रुपए की रकम शासन में जमा नहीं कराने और कथित तौर पर हड़पने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी शिकायत मिलने के
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नक्सलवाद के बैकफुट पर जाने और कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर डंप किए गए हथियार, बारूद और नकदी बरामद करने के लिए विशेष अभियान चलाया था।

दो अलग जगहों से 15 और 5 लाख मिलने का आरोप
आरोप है कि इसी अभियान के दौरान टोंडामरका और मरकाकोनारी के जंगलों में नक्सल डंप से क्रमशः 15 लाख और 5 लाख रुपए बरामद हुए थे। आरोप यह है कि सर्चिंग अभियान का नेतृत्व कर रहे दोनों DSP ने रकम मिलने की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी और उसे सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय हड़प लिया।
बताया जा रहा है कि डंप से मिली अन्य सामग्री को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, लेकिन नकदी की जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई।

कुछ महीने पहले पुलिस विभाग में शुरू हुई चर्चा
जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले रकम हड़पने की चर्चा पुलिस महकमे में शुरू हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक मामले की शिकायत पहुंचने की बात सामने आई। हालांकि शिकायत किसने की, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। जांच के दौरान सर्चिंग अभियान में शामिल जवानों और आत्मसमर्पित नक्सलियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि डंप से वास्तव में कितनी रकम बरामद हुई थी और उसकी सूचना किस स्तर पर दी गई थी।
जांच में बरामदगी और रिकॉर्ड का मिलान
पुलिस अब संबंधित सर्चिंग अभियान, डंप बरामदगी, मौके पर मौजूद जवानों के बयान और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है। नकदी की बरामदगी को लेकर सामने आए दावे और विभागीय रिकॉर्ड के बीच भी मिलान किया जा रहा है।
फिलहाल दोनों तत्कालीन DSP पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

SP बोले- शिकायत मिली है, जांच जारी
एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि मामले में शिकायत आने के बाद जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई उच्च स्तर पर की जाएगी।
मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि नक्सल डंप से 20 लाख रुपए की बरामदगी हुई थी या नहीं और कथित रूप से बरामद रकम के संबंध में दोनों अधिकारियों की क्या भूमिका थी।