’20 बार क्रैश हुआ सिस्टम’, NEET PG रद्द होने पर छात्रों का फूटा गुस्सा

जयपुर(उत्तम हिन्दू न्यूज): NEET PG 2026 की परीक्षा रविवार, 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई। परीक्षा के लिए 2.73 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकृत थे। हालांकि, राजस्थान के जयपुर स्थित सीतापुरा के iON डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्या के चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सीतापुरा के iDZ सेंटर (TC नंबर 41682 और 41683) पर परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम बार-बार बंद होने की शिकायत सामने आई। अभ्यर्थियों के अनुसार, कई बार स्क्रीन ब्लैंक होने और सिस्टम क्रैश होने के कारण परीक्षा बाधित हुई। स्थिति बिगड़ने के बाद छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध भी किया।

2,445 अभ्यर्थी नहीं दे पाए पूरी परीक्षा

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के मुताबिक, तकनीकी समस्या के कारण सीतापुरा केंद्र पर 2,445 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके।

बोर्ड के अनुसार, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TCS Ltd. की ओर से इंटरनल पावर सप्लाई में तकनीकी समस्या आई थी। इसी वजह से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है।

5 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा

NBEMS ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम की तारीख घोषित कर दी है। 2,445 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने परीक्षा में आई तकनीकी परेशानी पर खेद जताया है और कहा है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का अवसर दिया जाएगा।

छात्रों ने उठाए सवाल

तकनीकी खराबी के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कुछ छात्रों का दावा है कि सिस्टम बार-बार बंद होने के कारण परीक्षा का माहौल प्रभावित हुआ और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। कुछ अभ्यर्थियों ने यह मांग भी उठाई कि जब परीक्षा केंद्र पर इतनी बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई है, तो सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जानी चाहिए। हालांकि, फिलहाल बोर्ड ने केवल प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम की घोषणा की है।

सचिन पायलट ने भी जताई नाराजगी

जयपुर में NEET PG परीक्षा के दौरान हुई तकनीकी समस्या पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी समस्याओं का सबसे ज्यादा असर मेहनत करने वाले छात्रों पर पड़ता है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को लेकर भी चिंता जताई और छात्रों को निष्पक्ष तथा भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।

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