200 से अधिक प्रतिभागियों ने सीखा प्राथमिक उपचार

September 13, 2026

200 से अधिक प्रतिभागियों ने सीखा प्राथमिक उपचार

200 participants learned first aid : कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय फर्स्ट एड प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 200 से अधिक प्रतिभागियों को सीपीआर, रक्तस्राव रोकने, जलने और हड्डी टूटने जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कुलसचिव प्रो. लेफ्टिनेंट वीरेंद्र पाल ने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान आपात स्थिति में किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान आपात स्थिति में किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रो. वीरेंद्र पाल ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए बताया कि दौड़ के दौरान एक सैनिक को अचानक हार्ट अटैक आ गया। मौके पर मौजूद व्यक्ति द्वारा तत्काल सीपीआर दिए जाने से सैनिक की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण प्राथमिक चिकित्सा एवं सीपीआर के व्यावहारिक ज्ञान की उपयोगिता को स्पष्ट करते हैं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में रमेश चौधरी, सचिव, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, कुरुक्षेत्र ने कुवि रेड क्रॉस की मानवीय गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर युवा पीढ़ी में मानव सेवा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करते हैं।

प्रशिक्षण के लिए जिला रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला प्रशिक्षण अधिकारी अंजू ने सभी प्रतिभागियों को फर्स्ट एड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर ले जाने, एम्बुलेंस को तत्काल सूचित करने, बेहोश व्यक्ति को रिकवरी पोजीशन में रखने तथा सांस की जांच करने संबंधी जानकारी दी गई। उन्होंने सीपीआर की तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया। इसके अलावा रक्तस्राव की स्थिति में साफ कपड़े से दबाव बनाकर खून रोकने, जलने पर ठंडे पानी का प्रयोग करने तथा हड्डी टूटने की स्थिति में प्रभावित अंग को स्थिर रखने की तकनीक भी सिखाई गई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को घर, कार्यालय और वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स रखने के लिए प्रेरित किया।

यूथ रेड क्रॉस के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो. डी.एस. राणा ने रेड क्रॉस के सात मौलिक सिद्धांतों मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में फर्स्ट एड बॉक्स भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों में फर्स्ट एड बॉक्स के साथ छात्राओं की आपातकालीन सुविधा के लिए सैनेटरी नैपकिन भी वितरित किए गए। आवश्यकतानुसार विभागों में पैकेट उपलब्ध करवाने के साथ महिला शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं को व्यक्तिगत रूप से भी पैकेट वितरित किए गए।

इस शिविर में विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों और यूथ रेड क्रॉस के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, प्रो.जीपी दुबे, डॉ. अमित कुमार, प्रो. निरुपमा भट्टी, डॉ. दिविज, डॉ. अमिता मित्तल, स्पोर्ट्स विभाग के कोच राजेश एवं बॉक्सर कोच राजेश सहित विभिन्न विभागों के चेयरपर्सन, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में यूथ रेड क्रॉस के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के सफल आयोजन पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा, जो मानव सेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होंगे।