कैंसर के इलाज के लिए बोन मैरो टेस्ट: 2020 में हुए दुष्कर्म का राज भी खुला, क्या और कहां का है चौंकाने वाला मामला?
गुजरात के मोरबी में मेडिकल जांच ने ऐसा खौफनाक राज उजागर किया, जिसने सबको चौंका दिया। कैंसर से जूझ रहे पति की जान बचाने के लिए किए जा रहे बोन मैरो (अस्थि मज्जा) ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया के दौरान पिता और बेटे का बोन मैरो मैच नहीं हुआ। इस चिकित्सीय विसंगति के बाद महिला ने जो सच्चाई बताई, उससे वर्षों पुराना काला सच सामने आया। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय भाजपा पार्षद के पति शैलेश लक्ष्मण मकवाना के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है।
पारिवारिक उलझनें बढ़ीं: महिला ने हिम्मत जुटाई और शिकायत दर्ज कराई
पीड़िता के पति को बोन (हड्डियों) का कैंसर था। साल 2020 में उनके इलाज के लिए भारी खर्च की जरूरत थी, जिसके चलते महिला ने आरोपी से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। जब महिला तय समय पर पैसे नहीं लौटा पाई, तो आरोपी ने उसकी इस मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाया। आरोप है कि आरोपी ने उसे ब्लैकमेल कर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। हाल ही में डॉक्टरों ने पति के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। जब डोनर की तलाश के दौरान उनके बेटे का बोन मैरो पिता से मैच नहीं हुआ, तो पारिवारिक उलझनें बढ़ गईं। इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाई और आपबीती परिवार को बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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एफआईआर के बाद आरोपी फरार
मोरबी के पुलिस स्टेशन में 9 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मोरबी नगर निगम की भाजपा पार्षद का पति है। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) जेएम आल ने बताया कि पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है, ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।
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पिछला आपराधिक रिकॉर्ड
रिपोर्टों के अनुसार आरोपी मकवाना का आपराधिक इतिहास भी रहा है। पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि बार-बार के शारीरिक शोषण के कारण वह गर्भवती हो गई थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोपी ने उसे यह कहकर चुप रहने और जिम्मेदारी उठाने का झांसा दिया था, साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पारिवारिक और चिकित्सीय स्तर पर शक
मेडिकल साइंस के अनुसार, ब्लड कैंसर के मामलों में इलाज के लिए बेटे का बोन मैरो (स्टेम सेल) अपने पिता से आनुवंशिक रूप से हाफ-मैच हो सकता है। लेकिन जब इस मामले में मेडिकल टेस्ट के दौरान स्टेम सेल बिल्कुल मेल नहीं खाए, तो पारिवारिक और चिकित्सीय स्तर पर शक गहराया।