ट्रंप का बड़ा फैसला: 2026 तक जेनेरिक दवाओं पर 0% टैरिफ, 2028 से 100% और फिर 200% शुल्क - Haribhoomi

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर नया टैरिफ प्लान घोषित किया है। 2026 से 2 साल तक 0% शुल्क, फिर 100% और बाद में 200% तक बढ़ेगा।

Trump tariff plan on generic medicines

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर नया टैरिफ प्लान घोषित किया है। (Ai Image)

  • Published: 22 Jul 2026, 09:17 AM IST
  • Last Updated: 22 Jul 2026, 09:17 AM IST

Trump tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित जेनेरिक दवाओं को लेकर नई टैरिफ नीति का ऐलान किया है। इस नीति के तहत दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से शुल्क बढ़ाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य देश में दवा उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी निर्भरता को कम करना बताया गया है।

2026 से लागू होगा नया टैरिफ प्लान
ट्रंप के मुताबिक यह नई नीति 1 अगस्त 2026 से लागू होगी। इसके तहत शुरुआती दो वर्षों तक आयातित जेनेरिक दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। इस दौरान कंपनियों को अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का समय दिया जाएगा।

इसके बाद तेजी से बढ़ेगा शुल्क
दो साल की राहत अवधि खत्म होने के बाद टैरिफ में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले एक साल के लिए आयातित जेनेरिक दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद यह शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस तरह सरकार धीरे-धीरे आयात को महंगा बनाकर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है।

KEY POINTS:

  • 2026–2028 - 0% टैरिफ
  • 2028–2029 - 100% टैरिफ
  • 2029 के बाद  - 200% टैरिफ

अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की रणनीति
ट्रंप ने साफ कहा है कि इस नीति का मुख्य मकसद कंपनियों को अमेरिका में दवा निर्माण के लिए प्रेरित करना है। जो कंपनियां तय समय में अमेरिका में प्लांट और उपकरण नहीं लगाती हैं, उन्हें आगे चलकर भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।

देशभर में बन रहे हैं नए फार्मा प्लांट
राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी नीतियों के चलते अमेरिका में तेजी से फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित हो रही हैं। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और देश की उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगा।

जेनेरिक दवाओं की अहम भूमिका
अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम में जेनेरिक दवाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार देश में 90 प्रतिशत से अधिक प्रिस्क्रिप्शन जेनेरिक दवाओं के होते हैं। इनकी कीमत कम होने की वजह से आम लोगों के लिए इलाज सुलभ बनता है।

फार्मा सेक्टर में पहले भी उठाए गए कदम
यह फैसला ट्रंप की व्यापक फार्मा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले भी उनकी सरकार ने दवाओं की कीमत कम करने के लिए 'Most-Favored-Nation' पॉलिसी को बढ़ावा दिया था। इसके अलावा कई दवा कंपनियों के साथ ऐसे समझौते किए गए, जिनमें कुछ दवाओं को टैरिफ से छूट दी गई।

नीति का संभावित असर
इस नई नीति का असर आने वाले समय में दवा कंपनियों और बाजार पर देखने को मिल सकता है। इससे कंपनियां अमेरिका में निवेश बढ़ा सकती हैं, जबकि आयातित दवाएं महंगी हो सकती हैं। सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से घरेलू उत्पादन को मजबूत करने पर है।