निकाय चुनाव 2026: 10245 वार्डों का आज होगा फैसला, कहीं खुलेगी टिकट की राह तो कहीं फेरबदल, बदलेगी चुनावी तस्वीर
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तस्वीर सोमवार को काफी हद तक साफ होने जा रही है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आज निकाली जाएगी। इसके साथ ही तय होगा कि किस वार्ड में सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी और महिला वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान खुलेगा। अध्यक्ष पदों का आरक्षण पहले ही तय हो चुका है, अब वार्डों की स्थिति सामने आते ही संभावित प्रत्याशियों की रणनीति भी बदलने लगेगी।
जोधपुर में 100 वार्डों का बदलेगा समीकरण
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं। इनमें 65 वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि 20 वार्ड ओबीसी और 13 वार्ड एससी के लिए हैं। दो वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। सभी श्रेणियों को मिलाकर 34 महिला पार्षद चुनी जाएंगी। खास बात यह है कि जोधपुर मेयर का पद इस बार अनारक्षित रखा गया है। करीब 12 साल बाद मेयर पद पर सामान्य श्रेणी के लिए मौका आया है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया सोमवार सुबह मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में होगी। इसके बाद जिले की नगर पालिकाओं के वार्डों का आरक्षण भी तय किया जाएगा। भोपालगढ़, बालेसर सता, तिंवरी और मथानिया में पहली बार नगर पालिका स्तर के चुनाव होने हैं, इसलिए यहां की लॉटरी पर भी खास नजर रहेगी।
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अजमेर में दोपहर तीन बजे निकलेगी लॉटरी
अजमेर जिले के 9 नगरीय निकायों के वार्डों की आरक्षण लॉटरी आज दोपहर 3 बजे जवाहर रंगमंच में होगी। इसमें अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के साथ पुष्कर और किशनगढ़ नगर परिषद तथा नसीराबाद, पीसांगन, सरवाड़, टांटोटी, सावर और केकड़ी नगर पालिकाओं के वार्डों का आरक्षण तय किया जाएगा। अजमेर नगर निगम में 20 वार्ड एससी, 2 एसटी और 16 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होंगे, जबकि 27 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। मेयर पद पहले ही महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। लॉटरी के नतीजे सामने आने के बाद संभावित दावेदारों के चुनावी समीकरण भी स्पष्ट होंगे।
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सीकर में 65 वार्ड, 44 रहेंगे अनारक्षित
सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों के लिए भी सोमवार को आरक्षण तय होगा। उपलब्ध व्यवस्था के मुताबिक 44 वार्ड अनारक्षित हैं, जबकि 13 वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए रखे गए हैं। बाकी आरक्षित श्रेणियों की स्थिति लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। सीकर नगर परिषद के सभापति पद का आरक्षण पहले ही हो चुका है और इस बार यह पद अनारक्षित महिला के लिए रखा गया है। जिले के अन्य नगरीय निकायों के वार्डों का आरक्षण भी इसी प्रक्रिया के तहत तय किया जाएगा।
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अलवर में 80 वार्डों पर नजर
अलवर नगर निगम के 80 वार्डों में भी आज आरक्षण की तस्वीर सामने आएगी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 25 वार्ड अनारक्षित ओपन, 13 अनारक्षित महिला, 13 ओबीसी और 12 एससी श्रेणी के लिए रखे गए हैं। शेष श्रेणियों की स्थिति लॉटरी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी। अलवर में मेयर पद का आरक्षण पहले ही अनारक्षित महिला के लिए हो चुका है। अब वार्डों की लॉटरी के बाद यह तय होगा कि चुनावी मैदान में कौन-कौन से समीकरण बनेंगे।
लॉटरी के बाद बदलेंगे दावेदारों के समीकरण
वार्डों का आरक्षण तय होना उन नेताओं और संभावित प्रत्याशियों के लिए सबसे अहम पड़ाव है, जो लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। आरक्षण बदलने पर कई मौजूदा पार्षद और दावेदारों को अपना वार्ड बदलना पड़ सकता है, जबकि नए चेहरों के लिए भी राजनीतिक जमीन तैयार हो सकती है। राज्य में कुल 10,245 वार्डों के लिए 16,482 मतदान केंद्र प्रस्तावित हैं। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की दिशा में आगे बढ़ेगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
15 नवंबर तक पूरी होनी है चुनाव प्रक्रिया
राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 15 नवंबर 2026 तक कराने की समयसीमा तय है। पहले नगरीय निकाय और उसके बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने प्रस्तावित हैं। पंचायतों के शेष पदों के लिए आरक्षण लॉटरी सितंबर में होगी। अब आज होने वाली वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है। किस वार्ड से कौन मैदान में उतरेगा और किसका समीकरण बदलेगा, इसकी पहली तस्वीर आज सामने आ जाएगी।