यूपी नीट यूजी काउंसिलिंग 2026 के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी: पंजीकरण से लेकर सिक्योरिटी मनी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक के नियम तय - Up18 News
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ‘यूपी नीट यूजी-2026’ की प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग की तैयारियां अब बेहद तेज हो चुकी हैं। इसी क्रम में महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (DGME) की तरफ से सभी भावी अभ्यर्थियों के लिए बेहद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित और पूरी तरह से अभ्यर्थी-केंद्रित बनाना है। इसके साथ ही, विभाग की ओर से अभ्यर्थियों को यह सख्त सलाह दी गई है कि वे अपना ऑनलाइन पंजीकरण अपने खुद के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से ही करें। साथ ही, अपनी धरोहर धनराशि (सिक्योरिटी मनी) का भुगतान भी सिर्फ अपने ही बैंक खाते से करें, ताकि काउंसिलिंग से जुड़ा हर अपडेट समय पर मिल सके और फीस वापसी की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
यूपी नीट यूजी-2026 की इस काउंसिलिंग प्रक्रिया में केवल वही छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नीट यूजी-2026 की प्रवेश परीक्षा में सफल घोषित किया गया है। सभी पात्र अभ्यर्थियों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://upneet.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। काउंसिलिंग से जुड़ी तमाम जरूरी सूचनाएं और अलर्ट्स केवल रजिस्ट्रेशन के दौरान दर्ज किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर ही भेजे जाएंगे।
ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन से प्रक्रिया बनेगी अधिक सुविधाजनक
अभ्यर्थियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए महानिदेशालय ने इस बार ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन (Online Document Verification) की बेहतरीन व्यवस्था लागू की है। पंजीकरण के वक्त प्रत्येक छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक नोडल सेंटर का चुनाव करेगा और अपने सभी जरूरी अभिलेख ऑनलाइन ही अपलोड करेगा।
इसके तहत मुख्य रूप से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट, यदि लागू हो तो आरक्षण से जुड़ा प्रमाण-पत्र, तथा डोमिसाइल (निवास) प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा। इस डिजिटल व्यवस्था से पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी।
₹2,000 पंजीकरण शुल्क और च्वाइस फिलिंग के लिए सिक्योरिटी मनी अनिवार्य
ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी को ₹2,000 का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा, जो कि नॉन-रिफंडेबल (वापस न मिलने वाला) होगा। इसके अलावा, च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया में उतरने के लिए निर्धारित धरोहर धनराशि (सिक्योरिटी मनी) ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य किया गया है।
विभिन्न सीटों के लिए निर्धारित सिक्योरिटी मनी का विवरण इस प्रकार है:
राजकीय (Government) मेडिकल एवं डेंटल सीटें: ₹30,000
निजी (Private) मेडिकल सीटें: ₹2,00,000
निजी डेंटल सीटें: ₹1,00,000
जो अभ्यर्थी सरकारी और प्राइवेट—दोनों प्रकार की मेडिकल व डेंटल सीटों के लिए काउंसिलिंग में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें संयुक्त रूप से ₹2 लाख की धरोहर धनराशि जमा करनी होगी। वहीं, जो छात्र केवल राजकीय और निजी डेंटल कॉलेजों की सीटों के लिए ही आवेदन करना चाहते हैं, उनके वास्ते ₹1 लाख की राशि तय की गई है। स्पष्ट है कि धरोहर राशि जमा किए बिना कोई भी छात्र च्वाइस फिलिंग नहीं कर पाएगा।
स्वयं के बैंक खाते से ही करें भुगतान
महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को विशेष हिदायत दी है कि वे सिक्योरिटी मनी का भुगतान किसी अन्य के खाते से करने के बजाय अपने खुद के बैंक अकाउंट से ही करें। काउंसिलिंग के सभी चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद नियमानुसार यह धरोहर राशि ठीक उसी बैंक खाते में रिफंड की जाएगी जिससे इसका भुगतान किया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में यह धरोहर राशि कॉलेज के ट्यूशन फीस में एडजस्ट या समायोजित नहीं की जाएगी।
प्रथम चरण के लिए ‘फ्री एग्जिट’ का प्रावधान
छात्रों के व्यापक हितों को सुरक्षित रखते हुए प्रथम चरण की काउंसिलिंग में ‘फ्री एग्जिट’ की सुविधा दी गई है। यदि किसी छात्र को काउंसलिंग के पहले राउंड में कोई कॉलेज या सीट आवंटित होती है और वह वहां एडमिशन नहीं लेना चाहता है, तो उसे नियमानुसार फ्री एग्जिट मिल जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी बिना किसी बाधा के आगामी दूसरे या तीसरे चरण की काउंसिलिंग में दोबारा भाग ले सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी पसंद का बेहतर कॉलेज चुनने का पूरा अवसर मिल सके।
आरक्षण प्रमाण-पत्रों को लेकर सख्त और स्पष्ट निर्देश
महानिदेशालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ओबीसी (OBC), एससी (SC), एसटी (ST) और ईडब्ल्यूएस (EWS) समेत तमाम आरक्षण से जुड़े प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित फॉर्मेट पर और राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही जारी किए जाने चाहिए।
विशेष रूप से यह ध्यान रखना होगा कि ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल, 2026 या उसके बाद के जारी होने चाहिए, तभी वे वैध माने जाएंगे। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों को भी अपने नवीनतम प्रारूप के प्रमाण-पत्र बनवाने की सलाह दी गई है, ताकि ऑनलाइन वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत न आए।
इसके अलावा, भारत सरकार के अधीन सेवाओं के लिए बनाए गए केंद्रीय आरक्षण प्रमाण-पत्र इस राज्य स्तरीय काउंसिलिंग में मान्य नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश के बाहर के अन्य राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी के अंतर्गत ही गिना जाएगा।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए डीजीएचएस (DGHS) द्वारा अधिकृत सेंटर्स से जारी सर्टिफिकेट तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित व भूतपूर्व सैनिकों के लिए तय प्रारूप वाले प्रमाण-पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे।
प्राथमिकता के आधार पर करें च्वाइस फिलिंग, लॉक करना अनिवार्य
महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को यह सलाह दी है कि वे मेडिकल और डेंटल कॉलेजों का चयन अपनी वास्तविक पसंद और प्राथमिकता के आधार पर ही करें। सूची में केवल उन्हीं संस्थानों को भरें जहां वे वाकई में प्रवेश लेने के इच्छुक हों। च्वाइस फिलिंग पूरी होने के बाद विकल्पों को ‘लॉक’ करना अनिवार्य है। एक बार च्वाइस लॉक हो जाने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव या संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकारी और निजी संस्थानों के लिए एडमिशन की प्रक्रिया
राजकीय मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों की पूरी प्रवेश प्रक्रिया संबंधित कॉलेज के परिसर में ही संपन्न कराई जाएगी। इसके विपरीत, निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में अलॉटमेंट पाने वाले छात्रों की एडमिशन प्रक्रिया शासन द्वारा अधिकृत व नामित किए गए नोडल सेंटर्स पर पूरी की जाएगी।
पारदर्शिता और तकनीक पर आधारित काउंसिलिंग व्यवस्था
महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण द्वारा जारी किए गए इन व्यापक दिशा-निर्देशों के जरिए यूपी नीट यूजी-2026 की पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया को अत्यधिक पारदर्शी, डिजिटल, समयबद्ध और छात्र-हितैषी बना दिया गया है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन, स्पष्ट आरक्षण नियम, अनुशासित च्वाइस फिलिंग और चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली जैसी ये तमाम आधुनिक व्यवस्थाएं छात्रों को बिना किसी परेशानी के अपनी काउंसिलिंग प्रक्रिया को सुगमता से पूरा करने में बेहद मददगार साबित होंगी।