स्वतंत्रता दिवस 2026: गैंगस्टरों के खात्मे से साइबर क्राइम पर लगाम तक, दिल्ली पुलिस के 17 अफसरों को मिला बड़ा सम्मान
देश
- Reported by: मोहित ओम
- Updated Aug 14, 2026, 07:27 PM IST
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता और सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' (विशिष्ट सेवा) मिला है, जबकि क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार और ईओडब्ल्यू की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद समेत 15 जवानों को 'सराहनीय सेवा पदक' से नवाजा गया है।
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स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को पदक
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Times Now Digital
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें दो अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (Distinguished Service) और 15 अधिकारियों व जवानों को पुलिस पदक (Meritorious Service) मिला है। राष्ट्रपति पुलिस पदक पाने वालों में दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता और सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार शामिल हैं।
दिनेश कुमार गुप्ता ने दिल्ली पुलिस में अलग-अलग जिलों और अहम यूनिटों में काम किया है। वह रेलवे, आईजीआई एयरपोर्ट, ट्रैफिक, रिक्रूटमेंट सेल और शाहदरा जिले में डीसीपी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। फिलहाल वह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक के पद पर तैनात हैं और बड़े आयोजनों, धार्मिक कार्यक्रमों, संसद सत्र और राष्ट्रीय समारोहों के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने 1988 में कांस्टेबल के तौर पर दिल्ली पुलिस ज्वाइन की थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के सरकारी आवास से जुड़े रिकॉर्ड और क्वार्टर अलॉटमेंट सेल की वेबसाइट को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेरिटोरियस सर्विस मेडल पाने वालों में कई वरिष्ठ अधिकारी
पुलिस पदक पाने वालों में संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंद्र कुमार और नूपुर प्रसाद भी शामिल हैं। सुरेंद्र कुमार ने दिल्ली पुलिस में ई-बीट बुक सिस्टम शुरू करने, संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई, साइबर जागरूकता और पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। उन्होंने 2025-26 में पांच गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया की निगरानी भी की। फिलहाल वह क्राइम ब्रांच में संयुक्त पुलिस आयुक्त हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद शाहदरा जिले की पहली डीसीपी रही हैं। उन्होंने जिले में पुलिसिंग का ढांचा तैयार करने के साथ ड्रग नेटवर्क और जुआ गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने सीबीआई में भी कई महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी की और फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा में संयुक्त पुलिस आयुक्त के तौर पर काम कर रही हैं।
पदक पाने वालों में कई अधिकारी और जवान शामिल
पदक पाने वालों में इंस्पेक्टर राकेश कुमार भट्ट, इंस्पेक्टर तारा दत्त, एएसआई कैलाश चंद, डब्ल्यू/एसआई अंजना कुमारी और एएसआई सतीश पाटिल समेत कई अधिकारी और जवान शामिल हैं। इन अधिकारियों ने हत्या, लूट, नशे की तस्करी, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और बड़े आयोजनों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कामों में योगदान दिया है।
पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों में एएसआई आनंद बल्लभ, एएसआई प्रदीप कुमार शर्मा, डब्ल्यू/एएसआई बिंदु, डब्ल्यू/एएसआई दिनेश कुमारी, डब्ल्यू/हेड कांस्टेबल ललिता, डब्ल्यू/हेड कांस्टेबल शर्मिला, डब्ल्यू/हेड कांस्टेबल पुष्पा रानी और हेड कांस्टेबल विजय सिंह भी शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों ने कानून-व्यवस्था, जांच, प्रशासनिक कामकाज, महिला एवं बाल सुरक्षा, विशेष आयोजनों और पुलिस विभाग में डिजिटल व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।
कुल मिलाकर, इस बार के पदकों में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ लंबे समय से फील्ड में काम कर रहे जवानों के योगदान को भी सम्मान मिला है। इन पुलिसकर्मियों ने अपराध से लड़ने, कानून-व्यवस्था संभालने और विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाई है।
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मोहित ओमauthor
जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।
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