गणेशोत्सव 2026: मुंबई-पुणे में मोदक की भारी डिमांड, डिलीवरी और भीड़ से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स
गणेशोत्सव की धूम के बीच आज, गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को मोदक की मांग अपने चरम पर पहुंच गई है और इसमें सबसे आगे महाराष्ट्र है। एक नए विश्लेषण के मुताबिक, देश भर में मोदक के कुल ऑर्डर्स में 41 फीसदी हिस्सेदारी अकेले महाराष्ट्र की है, जिसमें मुंबई और पुणे टॉप पर हैं। अगर आप भी मोदक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो डिलीवरी स्लॉट फुल होने और प्रमुख पंडालों के बाहर लंबी लाइनों के लिए तैयार रहें। हालांकि, देर रात मोदक खरीदने वालों के लिए राहत की बात यह है कि मुंबई मेट्रो ने त्योहार के दौरान अपनी सेवाएं बढ़ा दी हैं।
पंडालों में दर्शन के लिए कतारें अभी से लंबी होने लगी हैं। लालबागचा राजा के दरबार में पहले ही दिन 'मुख दर्शन' के लिए औसतन दो घंटे का समय लगा। वहीं पुणे के प्रमुख गणपति मंडलों में गलत समय पर पहुंचने पर तीन घंटे तक का इंतजार करना पड़ सकता है। केवल दर्शन ही नहीं, मोदक की डिलीवरी पाना भी आसान नहीं है; लालबाग की मशहूर दुकानों पर पीक टाइम में डिलीवरी ऐप्स के नेटवर्क जाम होने की खबरें आई हैं। ऐसे में इंस्टामार्ट (Instamart) पर मिलने वाला मंदिर का प्रसाद एक बेहतर विकल्प है, जो 18 सितंबर तक सीमित मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए समय रहते प्लानिंग करें, शाम की भारी भीड़ से पहले खरीदारी पूरी कर लें और अपने पास कैश जरूर रखें।
मुंबई में मोदक: फ्रेश वैराइटी, डिलीवरी का सही समय और देर रात खुलने वाली दुकानें
सिद्धिविनायक मंदिर के पास स्थित 'मोदकम' में सुबह 7:30 बजे से रात 11 बजे तक गरमा-गरम उकडीचे मोदक (स्टीम्ड मोदक) मिल रहे हैं, जहां एक मोदक की कीमत करीब ₹40 है। दादर और गिरगांव में पानशीकर और आस्वाद जैसे पारंपरिक आउटलेट्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ है, तो वहीं नए स्पॉट्स पर चॉकलेट, केसर-पिस्ता और ड्राई-फ्रूट मोदक का क्रेज दिख रहा है। शाम के वक्त ऐप पर ऑनलाइन ऑर्डर अक्सर बंद हो जाते हैं, इसलिए जोमैटो या गूगल पर लिस्टेड दुकानों के नंबरों पर सीधे कॉल करें। इसके अलावा, देर रात तक चलने वाली मेट्रो का इस्तेमाल करें और लालबाग व कालाचौकी के पास नो-पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी करने से बचें।
पुणे में मोदक: क्लासिक उकडीचे, नए फ्लेवर्स और मार्केट के पास पार्किंग का हाल
पुणे में 'चितळे बंधू' के आउटलेट आमतौर पर सुबह 9:30 से रात 9 बजे तक खुले रहते हैं, लेकिन ऑनलाइन ऑर्डर के स्लॉट बहुत तेजी से भर रहे हैं। रोजाना फ्रेश उकडीचे मोदक के लिए 'काका हलवाई' और कोथरुड का 'मोदकघर' लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं, जबकि शहर भर में फ्यूजन मावा और काजू मोदक भी खूब ट्रेंड कर रहे हैं। ध्यान दें कि 18 से 25 सितंबर तक लक्ष्मी रोड, मंडई और तिलक रोड के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की समस्या हो सकती है। इसलिए दर्शन और मोदक पिकअप के लिए शाम के पीक आवर्स से बचना ही समझदारी होगी।
त्योहार के दौरान कीमतों के साथ-साथ हाइजीन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। मुंबई और पुणे में लोकल लेवल पर उकडीचे मोदक की कीमत आमतौर पर ₹35 से ₹60 प्रति पीस है। 'मोदकम' में यह ₹40 का है, जबकि बल्क पैक लेने पर इसकी कीमत करीब ₹45 प्रति पीस पड़ती है। वहीं, 18 सितंबर तक इंस्टामार्ट पर दगडूशेठ मंदिर का एक मोदक ₹50 में और सिद्धिविनायक मंदिर के छह बेसन लड्डू ₹170 में मिल रहे हैं। मिठाई खरीदते समय दुकानों की FSSAI हाइजीन रेटिंग, साफ तेल का इस्तेमाल और FDA के दिशा-निर्देशों के पालन पर जरूर गौर करें।