यूपी चुनाव: 2027 की जीत के लिए बीजेपी का महामंथन, कोर कमेटी में बनी चुनावी रणनीति

बीजेपी ने 2027 चुनाव के लिए शुरू की तैयारी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया है. बीजेपी मुख्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में सबसे ज्यादा फोकस 2027 का चुनाव जीतने और प्रदेश में लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाने की रणनीति पर रहा. करीब दो घंटे से अधिक चली बैठक में संगठन से लेकर सरकार और सोशल मीडिया तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
बैठक में इस बात पर विशेष मंथन हुआ कि पार्टी की चुनावी तैयारियों और अभियानों को किस तरह गांव स्तर तक पहुंचाया जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जोड़ा जाए. एक महीने तक चलने वाले अभियान को बूथ और गांव स्तर तक प्रभावी तरीके से ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.
सरकार की योजनाओं को चुनावी नैरेटिव बनाने पर जोर
कोर कमेटी में 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से लाई गई नई योजनाओं और जनकल्याणकारी कामों को जनता के बीच ले जाने पर भी चर्चा हुई. पार्टी का फोकस इस बात पर है कि सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचे और उन्हें चुनावी मुद्दे के तौर पर प्रभावी ढंग से पेश किया जा सके.
सोशल मीडिया पर विपक्ष को काउंटर करने की रणनीति
बैठक में सोशल मीडिया को लेकर भी खास रणनीति पर मंथन हुआ. पार्टी और उसके नेताओं को सोशल मीडिया पर अपना पक्ष मजबूती से रखने, सरकार के कामों का प्रचार करने और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का प्रभावी तरीके से जवाब देने को लेकर चर्चा हुई.
बीजेपी की कोशिश है कि 2027 के चुनाव से पहले सोशल मीडिया के जरिए अपना नैरेटिव मजबूत किया जाए और विपक्ष के हमलों का तत्काल जवाब देने के लिए संगठन को और सक्रिय किया जाए.
नई प्रदेश कार्यसमिति पर भी चर्चा
बैठक में प्रदेश की नई कार्यसमिति के गठन को लेकर भी चर्चा हुई. माना जा रहा है कि जल्द ही नई प्रदेश कार्यसमिति का गठन किया जाएगा. इसमें संगठन को चुनावी जरूरतों के हिसाब से मजबूत करने और क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरणों को साधने पर भी पार्टी का जोर रहेगा.
युवाओं और ‘जेन जी’ को साधने पर फोकस
2027 के चुनाव को देखते हुए युवा मतदाताओं और खासकर Gen-Z तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई. डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और नए अभियानों के जरिए युवाओं को बीजेपी से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है.
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बीजेपी मुख्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बतायया कि बैठक में सुशासन अभियान की तैयारी पर चर्चाप्रदेश कार्यसमिति की बैठक जल्द कराने पर मंथन के अलावा 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी हुआ मंथन, चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर हुई है.
चुनाव में किस तरह काम करना है, करीब दो घंटे से ज्यादा चली इस बैठक में चर्चा का केंद्र लगभग पूरी तरह 2027 का विधानसभा चुनाव और लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाने की रणनीति रही। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने से लेकर सरकार के कामकाज, नए अभियानों, सोशल मीडिया और युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति पर बीजेपी ने मंथन किया.
मोर्चा-प्रकोष्ठों को जल्द गठित करने का निर्देश
बैठक में पार्टी के मोर्चा-प्रकोष्ठों को जल्द गठित करने को कहा गया. राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने गठन के बाद संगठन की योजनानुसार प्रवास पर जोर दिया. वहीं नवंबर में प्रस्तावित 11 विधान परिषद सीटों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. पार्टी इनमें से पांच प्रत्याशी घोषित कर चुकी है. नवंबर में राज्यसभा की 10 सीटें भी रिक्त हो रही हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी दिनों में होने वाले दौरों-कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई. प्रदेश कार्यसमिति सम्मेलन मे UP बीजेपी ने मुख्यअतिथि के रुप के तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और अमित शाह को बुलाने पर चर्चा हुई.

पंकज चतुर्वेदी
पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई. दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़. पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.
Read More