2027 से यूनिवर्सिटी के तौर पर काम करेगा NCERT, जानें कौन से कोर्स शुरू करने की तैयारी

2027 से यूनिवर्सिटी के तौर पर काम करेगा NCERT
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अब सिर्फ स्कूली करिकुलम और किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा. एकेडमिक ईयर 2027-28 से NCERT हायर एजुकेशन के क्षेत्र में भी कदम रखने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और PhD स्तर के कोर्सेज शुरू किए जाएंगे. शुरुआती दौर में BA-BEd, BSc-BEd और BCom-BEd जैसे कोर्स शामिल होंगे. इन पाठ्यक्रमों में स्कूली शिक्षा, नई शिक्षण तकनीक, AI के इस्तेमाल और बच्चों को आसान तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. इसके लिए NCERT अपने रीजनल सेंटरों को भी कॉलेज के रूप में विकसित करेगा.
2027-28 से शुरू होंगे नए कोर्स
NCERT को डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल चुका है. इसी के आधार पर संस्थान 2027-28 से अपने UG, PG और PhD कार्यक्रमों में पहला बैच शुरू करने की तैयारी कर रहा है. शुरुआत में BA-BEd, BSc-BEd और BCom-BEd जैसे इंटीग्रेटेड डिग्री प्रोग्राम शुरू किए जाने की योजना है.
टीचर ट्रेनिंग पर रहेगा फोकस
इन कोर्स के सिलेबस में स्कूली शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा. इसमें टीचर्स को बेहतर तरीके से पढ़ाने, खेल-खेल में शिक्षा देने, तकनीक के इस्तेमाल और AI बेस्ड टीचिंग जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाएगा. NCERT, NCTE के साथ मिलकर करिकुलम की समीक्षा भी करेगा.
छात्रों के आकलन से सामने आई कमियां
NCERT के आकलन में कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की भाषा, मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस की दक्षताओं को जांचा गया था. रिपोर्ट में बेसिक मैथमेटिकल स्किल से जुड़ी कई कमियां सामने आईं. कक्षा 3 के 45 फीसदी छात्र 99 तक की संख्याएं सही तरीके से नहीं लिख सके. वहीं कक्षा 6 के 47 फीसदी छात्र 10 का पहाड़ा नहीं सुना पाए.
छह रीजनल सेंटर बनेंगे कॉलेज
NCERT के छह रीजनल सेंटरों को कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. इनमें अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर, शिलांग और पंडित सुंदरलाल शर्मा वोकेशनल एजुकेशन संस्थान शामिल हैं. अभी इन केंद्रों में स्थानीय विश्वविद्यालयों की डिग्री और PhD कराई जाती है. 2027 से यहां NCERT की अपनी डिग्री शुरू करने की तैयारी है. पहले से रजिस्टर्ड छात्रों को संबंधित विश्वविद्यालय ही डिग्री प्रदान करेंगे.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
Read More