सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को झटका: पहली बारिश में ढहा 2.18 करोड़ का सिरोंज बैराज, SDO समेत तीन इंजीनियर्स सस्पेंड - Bhopal News
भोपाल/उज्जैन34 मिनट पहले
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सिंहस्थ 2028 की महा तैयारियों को पहली ही बारिश में बड़ा झटका लगा है। क्षिप्रा नदी पर हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के ग्राम होशियारी और मकोडिया के बीच बन रहा सिरोंज बैराज कम काजवे डेम 9 जुलाई को हुई तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। इस गंभीर मामले में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के सख्त निर्देश के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
सोमवार को प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा ने देवास उपसंभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) नेहा दुबे और दो उपयंत्रियों (सब-इंजीनियरों) जितेंद्र पाटिल व रोहित सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
ग्वालियर की निर्माण एजेंसी मेसर्स कटारे एंड कंपनी के साथ 2.18 करोड़ रुपए की लागत से इस बैराज का अनुबंध किया गया था। निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियों की वजह से यह संरचना 9 जुलाई 2026 को हुई पहली भारी बारिश का दबाव भी नहीं झेल सकी। पानी के तेज बहाव में बैराज की सुरक्षा दीवार (विंगवॉल) ढह गई और डाउनस्ट्रीम (बांध के नीचे का हिस्सा) में बैक फिलिंग की मिट्टी बह गई।
चीफ इंजीनियर की जांच रिपोर्ट: इन 3 बड़ी गलतियों से हुआ हादसा
मुख्य अभियंता (जल संसाधन विभाग, उज्जैन) ने 13 जुलाई 2026 को बैराज का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें तबाही के तीन मुख्य तकनीकी कारण सामने आए हैं:
• अपर्याप्त पाइप - पानी की सुचारू निकासी के लिए बैराज में जितनी संख्या में आरसीसी पाइप लगाए जाने चाहिए थे, उतने नहीं लगाए गए।
• जल निकासी में अवरोध - बैराज समर्सिबल (पानी में डूबने वाला) था, लेकिन इसकी ऊंचाई तय मानकों से अत्यधिक रख दी गई। इस वजह से प्राकृतिक जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई।
• भारी कटाव - पानी का निकास रुकने के कारण नदी का जल स्तर बढ़ा और पानी बैराज के ऊपर से (ओवरफ्लो) बहने लगा।
निलंबन के बाद भोपाल अटैच, सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
इस जांच रिपोर्ट के बाद मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है: 1. नेहा दुबे – अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उपसंभाग, देवास। 2. जितेन्द्र पाटिल – उपयंत्री । 3. रोहित सोनी – उपयंत्री। निलंबन अवधि के दौरान इन तीनों अधिकारियों को देवास से हटाकर कार्यालय मुख्य अभियंता, चंबल बेतवा कछार जल संसाधन विभाग, भोपाल में अटैच किया गया है।
क्या होता है कम काजवे बैराज - यह एक ऐसा छोटा बांध या पुल होता है। इसके ऊपर से पानी बहने (समर्सिबल) की गुंजाइश होती है, ताकि जलभराव भी हो सके और बाढ़ की स्थिति में पानी ऊपर से निकल जाए। लेकिन, ऊंचाई ज्यादा होने से पानी के दबाव से विंगवॉल टूट गई।
ठेकेदार : नियमों के मुताबिक, यदि निर्माण कार्य डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के अंदर क्षतिग्रस्त होता है, तो निर्माण एजेंसी (कटारे एंड कंपनी) को अपने खर्च पर इसे दोबारा ठीक करना होगा।
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